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बिहार में 2 रुपये में मिलेगा इलाज, नए स्वास्थ्य केंद्रों की शुरुआत

बिहार में मरीजों के लिए एक नई स्वास्थ्य सेवा योजना शुरू की गई है, जिसमें 2 रुपये में इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। केंद्र सरकार ने शहरी क्षेत्रों में 598 नए स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना को मंजूरी दी है, जो विशेष रूप से झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों के लिए फायदेमंद साबित होंगे। इन केंद्रों पर मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं, जैसे मातृत्व और शिशु स्वास्थ्य, नियमित टीकाकरण, और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। इसके अलावा, युवाओं के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए कॉलेजों में भी स्वास्थ्य केंद्र खोले जाएंगे।
 

बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार


बिहार में अब मरीज केवल 2 रुपये में चिकित्सा सेवाएं प्राप्त कर सकेंगे। केंद्र सरकार ने राज्य को यह महत्वपूर्ण उपहार दिया है। शहरी क्षेत्रों में 598 नए स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना को मंजूरी मिल गई है, जहां मरीजों को महज 2 रुपये में इलाज की सुविधा मिलेगी। यह विशेष रूप से झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों के लिए लाभकारी होगा.


स्वास्थ्य विभाग की नई पहल

स्वास्थ्य विभाग ने राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन (एनयूएचएम) के तहत सेवाओं को और बेहतर बनाने का निर्णय लिया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए, भारत सरकार ने राज्य में 164 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (यूपीएचसी) और 434 शहरी स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र (यूएचडब्ल्यूसी) स्थापित करने की स्वीकृति दी है.


स्वास्थ्य सुविधाएं मुफ्त में

इन केंद्रों पर अधिकांश स्वास्थ्य सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध होंगी। ओपीडी में दिखाने के लिए केवल 2 रुपये का पर्चा कटवाना होगा। लोगों की सुविधा के लिए, यूपीएचसी सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक और यूएचडब्ल्यूसी सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक खुले रहेंगे। पटना में एक विशेष पहल के तहत, पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से 11 जन सेवा केंद्रों को शहरी स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र के रूप में संचालित किया जाएगा.


12 प्रकार की सेवाएं उपलब्ध

इन केंद्रों पर ओपीडी, मातृत्व और शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, नियमित टीकाकरण, परिवार नियोजन, परामर्श, संचारी और गैर-संचारी बीमारियों की जांच, और मुफ्त दवाइयां जैसी 12 प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। स्लम क्षेत्रों में सीधे लाभ पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किए जाएंगे.


कॉलेजों में स्वास्थ्य केंद्र

युवाओं के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए, 19 सरकारी पॉलिटेक्निक और 14 सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में भी यूएचडब्ल्यूसी खोले जाएंगे। इन केंद्रों को भी केंद्र की मंजूरी मिल चुकी है और ये स्लम बस्तियों के निकट किराए के भवनों में संचालित होंगे। इसमें शहरी आशा और महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी.