बिहार में आधुनिक परीक्षा केंद्रों का निर्माण: 4 हजार परीक्षार्थियों की सुविधा
बिहार में हाईटेक परीक्षा केंद्रों का निर्माण
बिहार में प्रतियोगी और बोर्ड परीक्षाओं के लिए एक उन्नत परीक्षा केंद्रों का जाल स्थापित किया जाएगा। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने राज्य के 29 जिलों में बहुउद्देशीय हाईटेक परीक्षा भवनों का निर्माण करने का निर्णय लिया है। इन भवनों के निर्माण के लिए 330 करोड़ 7 लाख 13 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त हुई है।
निर्माण की जिम्मेदारी
तकनीकी अनुमोदन के बाद, भवन निर्माण विभाग को निर्माण कार्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह के अनुसार, 27 जिलों में 29 स्थानों पर चार मंजिला यानी जी प्लस थ्री परीक्षा भवन बनाए जाएंगे। प्रत्येक भवन के लिए लगभग एक से डेढ़ एकड़ भूमि निर्धारित की गई है। मधुबनी और समस्तीपुर में दो-दो परीक्षा भवन प्रस्तावित हैं।
4 हजार परीक्षार्थियों की क्षमता
इन हाईटेक परीक्षा भवनों में एक साथ लगभग 4 हजार परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था होगी। परिसर की सुरक्षा के लिए 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। परीक्षा के बाद उत्तरपुस्तिकाओं को सुरक्षित रखने के लिए स्टोरेज की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इन भवनों का उपयोग मूल्यांकन केंद्र के रूप में भी किया जा सकेगा।
निर्माण के स्थान
पटना प्रमंडल में रोहतास, कैमूर, नालंदा, भोजपुर और बक्सर में भवनों का निर्माण प्रस्तावित है। मगध प्रमंडल में नवादा, औरंगाबाद और जहानाबाद शामिल हैं। तिरहुत प्रमंडल में पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी और वैशाली में भवन बनाए जाएंगे।
चुनावों में उपयोग
इन भवनों में वज्रगृह यानी स्ट्रांग रूम की व्यवस्था होगी, जहां परीक्षाओं से संबंधित गोपनीय सामग्री सुरक्षित रखी जा सकेगी। आवश्यकता पड़ने पर निर्वाचन से संबंधित संवेदनशील सामग्री को भी यहां रखा जा सकेगा। इससे चुनावी कार्यों के लिए स्कूल और कॉलेज भवनों पर निर्भरता कम होगी।
स्कूलों पर परीक्षा का दबाव कम
वर्तमान में, बिहार लोक सेवा आयोग, बिहार कर्मचारी चयन आयोग, और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए स्कूलों और कॉलेजों का उपयोग किया जाता है, जिससे पढ़ाई और आंतरिक परीक्षाओं का कार्यक्रम प्रभावित होता है। नए स्थायी परीक्षा केंद्रों के निर्माण के बाद, शिक्षण संस्थानों पर निर्भरता कम होगी।
सुरक्षा और निगरानी
परीक्षा भवनों में अग्निशामक उपकरण, फायर अलार्म और आपदा प्रबंधन की सुविधाएं भी होंगी। परिसर की 24 घंटे सीसीटीवी से निगरानी की जाएगी। जिला मुख्यालयों में आधुनिक परीक्षा केंद्रों की उपलब्धता से परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में होने वाली परेशानियों में कमी आने की उम्मीद है।