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बिहार में जद (यू) के नए अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू

बिहार में जनता दल (यूनाइटेड) ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की तारीखों की घोषणा की है, जिससे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की वापसी की संभावना पर चर्चा तेज हो गई है। नामांकन प्रक्रिया 22 मार्च से शुरू होगी, और यदि केवल एक नामांकन प्राप्त होता है, तो अध्यक्ष की घोषणा उसी दिन की जाएगी। नीतीश कुमार ने हाल ही में राज्यसभा के लिए चुनाव में 44 वोट प्राप्त किए हैं। इस बीच, उनके राज्यसभा में जाने को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में नाराजगी की खबरें भी आई हैं।
 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की वापसी की संभावना

पटना: बिहार में राजनीतिक गतिविधियों के बीच जनता दल (यूनाइटेड) ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है। इस घोषणा ने एक बार फिर से यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पार्टी की बागडोर संभालेंगे। यह तारीखें उसी दिन घोषित की गईं जब नीतीश कुमार को राज्यसभा के लिए चुना गया था।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, इस पद के लिए नामांकन 22 मार्च को भरे जाएंगे, जिसके बाद 23 मार्च को उनकी जांच की जाएगी। नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 24 मार्च है। यदि एक से अधिक उम्मीदवार नामांकन पत्र प्रस्तुत करते हैं, तो मतदान 27 मार्च को होगा।


नए अध्यक्ष की घोषणा की प्रक्रिया

कब होगी अध्यक्ष की घोषणा?

यदि केवल एक ही नामांकन प्राप्त होता है, तो नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की घोषणा उसी दिन की जाएगी, जब नामांकन वापस लेने की समय सीमा समाप्त होगी।


नीतीश कुमार की स्थिति

सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार का पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में पुनर्निर्वाचन लगभग निश्चित है। उन्होंने 29 दिसंबर 2023 को इस पद को संभाला था, जिससे उनकी सरकार और संगठन पर पकड़ और मजबूत हुई थी।


नीतीश कुमार की जीत का आंकड़ा

नीतीश कुमार ने कितने वोट प्राप्त किए?

बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार को राज्यसभा के लिए चुना गया है। सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने इस चुनाव में सभी पांच सीटों पर जीत हासिल की। सोमवार को हुए चुनाव में नीतीश कुमार को 44 'प्रथम वरीयता' वाले वोट मिले।


नीतीश कुमार का बयान

नीतीश कुमार ने क्या कहा?

हाल ही में सहरसा में एक जनसभा में नीतीश कुमार ने राज्य की राजनीति से दूर हटने की अटकलों को खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह बिहार के विकास के लिए काम करते रहेंगे।

इस बीच, कुमार के राज्यसभा में जाने को लेकर जनता दल (यूनाइटेड) के कार्यकर्ताओं में नाराजगी की खबरें आई हैं, लेकिन इस पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उच्च सदन में जाने से उन्हें पार्टी अध्यक्ष के रूप में नियंत्रण बनाए रखते हुए राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी को मजबूत करने का अवसर मिल सकता है।