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बिहार में बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार का वीडियो वायरल, पुलिस ने शुरू की जांच

बिहार के सीतामढ़ी जिले में बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में एक व्यक्ति बच्चों को तंत्र-मंत्र के नाम पर अमानवीय तरीके से घुमा रहा है। इस घटना के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है और पुलिस ने FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और क्या कार्रवाई की गई है।
 

वीडियो में दिखा अमानवीय व्यवहार

वायरल वीडियो: बिहार के सीतामढ़ी जिले से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिसमें बच्चों के साथ कथित अमानवीय व्यवहार को दर्शाया गया है। इस एक मिनट के वीडियो में एक व्यक्ति लाल कपड़े पहने हुए बच्चों के चारों ओर दिखाई दे रहा है। वीडियो में कुछ बच्चे जमीन पर पड़े हुए हैं, और वह व्यक्ति एक बच्चे को अपने पास खींचकर उसे हवा में घुमाने लगता है, जैसे वह कोई खिलौना हो। इस दौरान अन्य लोग भी वहां मौजूद हैं, जो इस घटनाक्रम को देख रहे हैं। इस वीडियो के आधार पर बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार के आरोप लगाए जा रहे हैं।


तंत्र-मंत्र के नाम पर बच्चों का इलाज

रिपोर्टों के अनुसार, एक श्मशान परिसर में पिछले चार साल से बच्चों का इलाज करने के नाम पर तंत्र-मंत्र और झाड़-फूंक की गतिविधियां चल रही थीं। बताया गया है कि यहां बच्चों के साथ बेहद कठोर व्यवहार किया जाता था, जिसमें उन्हें पैरों से पकड़कर हवा में झुलाने और जमीन पर पटकने जैसी हरकतें शामिल थीं। यह जानकर हैरानी होती है कि आज के समय में भी ऐसे लोग हैं जो डॉक्टरों के बजाय ढोंगी बाबाओं का सहारा लेते हैं। ये तांत्रिक गतिविधियां इन मासूम बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकती थीं।


लोगों का गुस्सा और पुलिस की कार्रवाई

यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। स्थानीय स्तर पर @bihar_police, @SitamarhiPolice, और @BiharCMQRT से मामले की जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही है।

बिहार CM Quick Response Team ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज कर ली है। टीम श्मशान परिसर में पहुंची, लेकिन आरोपी वहां से फरार हो गया। पुलिस ने वहां मौजूद लोगों से पूछताछ की और पूरे मामले की जानकारी जुटाई। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि कथित तंत्र-मंत्र के पीछे कौन लोग शामिल थे और कितने बच्चों का इस तरह इलाज किया गया। इसकी पूरी जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी।