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बिहार में भरत तिवारी एनकाउंटर की जांच में नया मोड़

बिहार के भोजपुर जिले में भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर की जांच अब एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है। न्यायिक जांच आयोग ने कई पुलिस अधिकारियों को गवाही देने के लिए समन जारी किया है। इसके साथ ही, मुठभेड़ में इस्तेमाल किए गए सरकारी हथियारों को फोरेंसिक जांच के लिए जब्त किया गया है। आयोग का उद्देश्य घटना के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच करना है। जानें इस मामले में आगे क्या होगा और जांच की प्रक्रिया कैसे आगे बढ़ेगी।
 

जांच आयोग ने पुलिस अधिकारियों को बुलाया


पटना: बिहार के भोजपुर जिले में भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर की जांच अब एक महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गई है। न्यायिक जांच आयोग ने इस मामले से जुड़े कई पुलिस अधिकारियों और जवानों को गवाही देने के लिए समन जारी किया है। इसके साथ ही, पुलिस ने मुठभेड़ में इस्तेमाल किए गए सरकारी हथियारों को फोरेंसिक जांच के लिए जब्त कर लिया है। आयोग का उद्देश्य इस घटना के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच करना है ताकि सच्चाई सामने आ सके।


समन जारी, अधिकारियों को पेश होने का निर्देश

जांच आयोग ने जगदीशपुर के एसडीओ संजीत कुमार, पूर्व डीएसपी राजेश कुमार शर्मा और पूर्व शाहपुर थानाध्यक्ष राजेश मालाकार सहित लगभग 15 पुलिस अधिकारियों और जवानों को आयोग के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया है। सभी को अलग-अलग तिथियों पर अपने बयान देने के लिए बुलाया गया है।


सुनवाई की तारीखें

आयोग ने संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को 16 और 17 जुलाई को उपस्थित होने के लिए कहा है। आयोग गवाहों के बयानों, आरोपों और पुलिस के पक्ष का विस्तृत परीक्षण करेगा। इसके लिए सिविल सेवा अधिनियम के तहत उन्हें उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।


फोरेंसिक जांच के लिए हथियार भेजे जाएंगे

जांच कर रही पुलिस ने मुठभेड़ में शामिल तत्कालीन डीएसपी के बॉडीगार्ड संजय कुमार, दारोगा हरिचंद्र कुमार और एएसआई रामाशंकर यादव की सरकारी पिस्टल जब्त कर ली है। इन हथियारों को विधि विज्ञान प्रयोगशाला में भेजा जाएगा ताकि तकनीकी जांच के माध्यम से महत्वपूर्ण तथ्य जुटाए जा सकें।


पहले भी कई हथियार जब्त

इससे पहले, पूर्व शाहपुर थानाध्यक्ष राजेश मालाकार की सरकारी पिस्टल, एसटीएफ जवान अक्षय कुमार की सर्विस पिस्टल और भरत भूषण तिवारी के पास से बरामद हथियार भी जब्त किए जा चुके हैं। जांच एजेंसियां सभी हथियारों की रिपोर्ट का इंतजार कर रही हैं।


आयोग की निष्पक्ष जांच का प्रयास

समन प्राप्त करने वालों में शाहपुर थाने और एसटीएफ के कई अधिकारी, दारोगा, एएसआई, सिपाही और चालक हवलदार शामिल हैं। आयोग का प्रयास है कि सभी संबंधित पक्षों के बयान दर्ज कर पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की जाए। इसके बाद उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।