बिहार विधानसभा ने पारित किए महत्वपूर्ण विधेयक, जुए पर नया कानून लागू
बिहार विधानसभा की कार्यवाही में महत्वपूर्ण विधेयकों का पारित होना
बिहार विधानसभा ने मंगलवार को दूसरी पाली में सात महत्वपूर्ण विधेयकों को मंजूरी दी। इनमें भूमि, स्वास्थ्य, कर व्यवस्था, जुआ नियंत्रण और चीनी उद्योग से संबंधित संशोधन शामिल हैं। इन विधेयकों को अब राज्यपाल की स्वीकृति के बाद कानून के रूप में लागू किया जाएगा। खासकर, बिहार जुआ (प्रतिषेध) विधेयक, 2026 को सदन ने सर्वसम्मति से पारित किया, जिससे सरकार को जुए के नए स्वरूप पर सख्त कार्रवाई करने का कानूनी आधार मिलेगा।
भूमि दाखिल-खारिज के लिए नया शुल्क
बिहार भूमि दाखिल-खारिज (संशोधन) विधेयक, 2026 के अनुसार, अब जमीन की म्यूटेशन प्रक्रिया के लिए 200 रुपये का शुल्क देना होगा। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने सदन में कहा कि यह कदम राज्य के विकास और राजस्व बढ़ाने के लिए आवश्यक है। विपक्ष ने इसे गरीबों पर अतिरिक्त बोझ बताया, लेकिन सरकार का कहना है कि भूमिहीन परिवारों को जमीन उपलब्ध कराई जा रही है, इसलिए यह शुल्क उन पर लागू नहीं होगा।
भूमिहीनों को बासगीत पर्चा वितरण
सरकार ने यह घोषणा की है कि 15 अगस्त को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी राज्य के 30 हजार भूमिहीन परिवारों को बासगीत पर्चा प्रदान करेंगे। मंत्री ने बताया कि पात्र परिवारों को तीन डिसमिल जमीन दी जाएगी। सरकार का दावा है कि यह कदम भूमिहीनों को स्थायी आवासीय अधिकार देने और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने में सहायक होगा।
नया जुआ कानून ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी लागू
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि 1867 के पुराने कानून की जगह नया जुआ कानून लाया गया है, जो आधुनिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसके तहत केवल जुआ खेलने वाले ही नहीं, बल्कि जुआघर संचालक, प्रबंधक, ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म चलाने वाले और ऐसे लेनदेन में सहयोग करने वाले संस्थानों पर भी कार्रवाई की जा सकेगी। सार्वजनिक स्थानों पर जुआ पकड़े जाने पर पुलिस को बिना वारंट तलाशी और गिरफ्तारी का अधिकार भी मिलेगा।
स्वास्थ्य और कर व्यवस्था में सुधार
बिहार चिकित्सा (संशोधन) विधेयक और बिहार नर्सेज पंजीकरण (संशोधन) विधेयक के लागू होने के बाद, दूसरे राज्यों में पंजीकृत डॉक्टर और नर्स स्व-प्रमाणन के आधार पर बिहार में प्रैक्टिस कर सकेंगे। इसके अलावा, चिकित्सकीय कदाचार के मामलों में पंजीकरण रद्द करने का प्रावधान भी जोड़ा गया है। बिहार माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2026 को जीएसटी परिषद की सिफारिशों के अनुरूप पारित किया गया, जबकि बिहार चीनी उपक्रम (अर्जन) संशोधन विधेयक भी सदन की मंजूरी प्राप्त करने वाले प्रमुख प्रस्तावों में शामिल रहा।