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बीजेपी सांसद हिमाद्री सिंह और नरेंद्र सिंह मरावी का तलाक, राजनीतिक पृष्ठभूमि पर चर्चा

बीजेपी सांसद हिमाद्री सिंह और उनके पति नरेंद्र सिंह मरावी का तलाक हो गया है, जो कई वर्षों से अलग रह रहे थे। अदालत ने तलाक की डिक्री पारित कर दी है। जानें हिमाद्री का राजनीतिक सफर, उनके परिवार की पृष्ठभूमि और इस तलाक के पीछे की वजहों के बारे में। क्या यह उनके राजनीतिक करियर को प्रभावित करेगा? पढ़ें पूरी कहानी।
 

तलाक की पुष्टि


भोपाल: मध्य प्रदेश के शहडोल से बीजेपी सांसद हिमाद्री सिंह और उनके पति नरेंद्र सिंह मरावी का तलाक हो गया है। दोनों पिछले कुछ वर्षों से अलग रह रहे थे। अदालत ने तलाक के आवेदन पर सुनवाई के बाद इसे मंजूरी दे दी। हिमाद्री और नरेंद्र की शादी 23 नवंबर 2017 को अनूपपुर जिले के पुष्पराजगढ़ में हुई थी। उनके एक बेटी गिरिशा कुमारी सिंह है, जो अपनी मां के साथ रहती हैं। निजी संबंधों में दरार की वजह अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है।


हिमाद्री का राजनीतिक परिवार

हिमाद्री सिंह एक प्रमुख आदिवासी राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता दलवीर सिंह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजीव गांधी सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे थे। उनकी मां राजेश नंदिनी सिंह कोतमा से विधायक और शहडोल से सांसद रह चुकी थीं। दोनों माता-पिता का निधन हो चुका है। दिल्ली में शिक्षा प्राप्त करने वाली हिमाद्री को युवा आदिवासी नेताओं में गिना जाता है।


राजनीतिक सफर की कहानी

हिमाद्री सिंह ने 2016 में कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा। इसके बाद 2019 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल होने का निर्णय लिया। बीजेपी के टिकट पर उन्होंने शहडोल लोकसभा सीट से 2019 और 2024 का चुनाव जीता। हाल ही में, उन्होंने उज्बेकिस्तान के समरकंद में आयोजित युवा सांसदों के सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व किया था।


नरेंद्र मरावी की राजनीतिक पृष्ठभूमि

नरेंद्र सिंह मरावी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और बीजेपी से जुड़े रहे हैं। उन्होंने 2009 के लोकसभा चुनाव में हिमाद्री की मां के खिलाफ चुनाव लड़ा, लेकिन सफल नहीं हो सके। 2018 में उन्होंने पुष्पराजगढ़ विधानसभा सीट से भी चुनाव लड़ा, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा। बाद में, वह राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष बने। राजनीतिक रूप से, उन्हें हिमाद्री के बीजेपी में शामिल होने से भी जोड़ा जाता रहा है।


2024 चुनाव में चर्चा

हिमाद्री सिंह का राजनीतिक कद समय के साथ बढ़ता गया, जबकि नरेंद्र मरावी की सक्रिय राजनीति में पहले जैसी भूमिका नहीं रही। 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान उनके बीजेपी से टिकट मांगने की चर्चा भी हुई। इस बीच, दोनों के अलग रहने की खबरें भी सामने आईं। हालांकि, उनके निजी रिश्ते में दरार की असली वजह का कोई आधिकारिक विवरण नहीं आया है। अब अदालत की तलाक डिक्री के साथ यह रिश्ता कानूनी रूप से समाप्त हो गया है।