×

बृजभूषण शरण सिंह पर पतंजलि का 50 करोड़ का मानहानि मुकदमा

बृजभूषण शरण सिंह, जो भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष हैं, को पतंजलि फूड्स लिमिटेड ने 50 करोड़ रुपये का मानहानि मुकदमा दायर किया है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब उन्होंने पतंजलि के देसी घी की गुणवत्ता पर सवाल उठाए और उसे 'नकली' कहा। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई चल रही है, जिसमें कंपनी ने अपने ब्रांड की छवि को हुए नुकसान का हवाला दिया है। जानें इस कानूनी लड़ाई के पीछे की पूरी कहानी।
 

बृजभूषण शरण सिंह की नई मुश्किलें

इंदौर: भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के लिए एक नई कानूनी चुनौती सामने आई है। योग गुरु बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि फूड्स लिमिटेड ने उनके खिलाफ 50 करोड़ रुपये का मानहानि मुकदमा दायर किया है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब बृजभूषण ने सार्वजनिक मंचों पर पतंजलि के देसी घी की गुणवत्ता पर सवाल उठाए और उसे 'नकली' करार दिया।


मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में मामला
इस मामले की सुनवाई 15 सितंबर को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में हुई। बृजभूषण के वकील ने अदालत में वकालतनामा पेश किया और कंपनी के दावों पर विस्तृत जवाब देने के लिए अतिरिक्त समय मांगा। अदालत ने उनकी मांग को स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई की तारीख 18 सितंबर निर्धारित की है। पतंजलि फूड्स का मुख्यालय इंदौर के विजय नगर क्षेत्र में स्थित है, इसलिए यह मानहानि का मामला इंदौर में दायर किया गया है।


पतंजलि का दावा: ब्रांड छवि को नुकसान

कंपनी का तर्क
पतंजलि फूड्स के वकील विक्रम मालवीय ने अदालत में कहा कि पूर्व सांसद के गैर-जिम्मेदाराना बयानों से कंपनी की ब्रांड छवि को गंभीर नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि इन बयानों के बाद पतंजलि के शेयरों की कीमत प्रभावित हुई, जिससे कंपनी को आर्थिक नुकसान हुआ। प्रारंभिक सुनवाई के बाद यह मामला अब हाईकोर्ट में विचाराधीन है।


बृजभूषण और पतंजलि के बीच पुरानी तनातनी

जुबानी जंग का इतिहास
बृजभूषण शरण सिंह और पतंजलि समूह के बीच यह विवाद नया नहीं है। 2022 में भी उन्होंने पतंजलि के घी को नकली बताते हुए लोगों को गाय-भैंस पालने की सलाह दी थी। अगस्त 2026 में भी उन्होंने बाबा रामदेव के खिलाफ तीखे हमले किए थे। इन लगातार हमलों के बाद पतंजलि प्रबंधन ने कानूनी कार्रवाई करते हुए 50 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति की मांग की है।