बैंकिंग क्षेत्र में हड़ताल: 5 दिन के कार्य सप्ताह की मांग
बैंक यूनियनों की हड़ताल का ऐलान
बैंकिंग क्षेत्र की यूनियनों ने अपनी मांगों के समर्थन में हड़ताल करने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि पिछले कई वर्षों से सरकार उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है, जिससे अब उनके पास हड़ताल के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। यूनियनें बैंकों में पांच दिन के कार्य सप्ताह को लागू करने और परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना को वापस लेने की मांग कर रही हैं.
अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने फाइव डे वर्क को लागू करने और सीनियर बैंक अधिकारियों के लिए सरकार की बदली हुई PLI योजना के खिलाफ देशभर में हड़ताल करने का निर्णय लिया है। इसमें 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल भी शामिल है.
11 सितंबर को देशव्यापी हड़ताल
UFBU ने 11 सितंबर को पूरे देश में बैंक हड़ताल का ऐलान किया है। इसके बाद 28, 29 और 30 सितंबर को भी हड़तालें आयोजित की जाएंगी। प्रेस को जारी बयान में यूनियन ने 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल करने का भी आह्वान किया है। UFBU सरकारी, निजी, विदेशी, क्षेत्रीय ग्रामीण और सहकारी बैंकों के 90% से अधिक कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करता है.
यूनियनों की प्रमुख मांगें
यूनियनों की मांगों में 8 मार्च, 2024 के समझौते के अनुसार फाइव डे वर्किंग सिस्टम लागू करना, सरकार की 'एकतरफा और भेदभावपूर्ण' PLI योजना को वापस लेना, यूनियनों के साथ बातचीत करके योजना में बदलाव करना और अन्य मुद्दों का समाधान करना शामिल है.
फाइव डे वर्किंग का मुद्दा
UFBU ने कहा कि मार्च 2024 के समझौते में यह तय हुआ था कि बाकी शनिवारों को छुट्टी दी जाएगी और इसके बदले सोमवार से शुक्रवार तक काम के घंटों में हर दिन 40 मिनट की बढ़ोतरी की जाएगी। यूनियनों ने बताया कि इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए वित्त मंत्रालय को भेजा गया था, लेकिन दो साल से अधिक समय बीतने के बाद भी यह मामला अभी तक अटका हुआ है.
PLI विवाद का मुद्दा
PLI के मुद्दे पर UFBU ने कहा कि मौजूदा योजना नवंबर 2020 में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और यूनियनों के बीच हुए समझौते के तहत शुरू की गई थी। इसमें वर्कमैन एम्प्लॉई और स्केल I से स्केल VII तक के अधिकारी शामिल थे। उस योजना के तहत, विभिन्न बैंकों के प्रदर्शन और मुनाफे के आधार पर एक दिन की सैलरी से लेकर अधिकतम 15 दिन की सैलरी तक का इंसेंटिव दिया जाता था.
वित्त मंत्रालय का नया निर्देश
UFBU के अनुसार, वित्त मंत्रालय के अधीन डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज (DFS) ने नवंबर 2024 में बैंकों को निर्देश दिया कि वे स्केल IV से स्केल VII तक के अधिकारियों के लिए इंसेंटिव का एक नया फॉर्मूला अपनाएं। यूनियनों ने इस निर्देश का विरोध किया है, उनका तर्क है कि यह द्विपक्षीय समझौते का उल्लंघन करता है और एक समान इंसेंटिव के बजाय व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर भेदभाव पैदा करता है.