भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा: सुरक्षा के कड़े इंतजाम और विशेष रस्में
पुरी में रथ यात्रा की धूम
ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की रथ यात्रा की रस्में शुरू हो गई हैं। इस बार मौसम की वजह से भगवान जगन्नाथ को बिना मुकुट के रथ पर लाया गया। महाराजा दिव्यसिंह देव ने रथों की सफाई की और रस्सी लगाने का कार्य प्रारंभ किया।
सुरक्षा के लिए तैनात 13,000 पुलिसकर्मी
पुरी में रथ यात्रा के दौरान सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। लगभग 13,000 पुलिसकर्मियों के साथ 19 आईपीएस अधिकारियों को तैनात किया गया है। इसके अतिरिक्त, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की 15 कंपनियों को भी सुरक्षा में शामिल किया गया है।
473 एआई-पावर्ड सीसीटीवी कैमरे
अधिकारियों ने बताया कि 473 एआई-पावर्ड सीसीटीवी कैमरे ग्रैंड रोड और आस-पास के क्षेत्रों की निगरानी कर रहे हैं। ये कैमरे ड्रोन-जैमिंग सिस्टम से जुड़े हुए हैं और दो कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटरों के माध्यम से संचालित हो रहे हैं।
समुद्र तट पर तैनात लाइफगार्ड
समुद्र तट पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 500 से अधिक लाइफगार्ड और फायर सर्विस कर्मियों को तैनात किया गया है। यह कदम डूबने की संभावित घटनाओं को रोकने के लिए उठाया गया है।
बंगाल के सीएम ने निभाई रस्म
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कोलकाता में रथ यात्रा की शुरुआत की और पवित्र 'छेरा पहरा' रस्म निभाई।
अहमदाबाद में हाथियों की रथ यात्रा
अहमदाबाद में भी भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली जा रही है, जहां हाथियों को जंजीरों से बांधकर लाया गया। पिछले साल की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।