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भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा सहयोग पर चर्चा

भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने अमेरिकी सांसदों से मुलाकात की, जिसमें यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान और भारत-अमेरिका के बीच ऊर्जा सहयोग पर चर्चा की गई। इस बैठक का महत्व बढ़ गया है क्योंकि रूस पर प्रतिबंध लगाने वाला विधेयक अमेरिकी संसद में लंबित है। जानें इस महत्वपूर्ण बातचीत के बारे में और कैसे यह भारत और अमेरिका के संबंधों को प्रभावित कर सकता है।
 

भारत के राजदूत की अमेरिकी सांसदों से मुलाकात

(सागर कुलकर्णी) वाशिंगटन, चार सितंबर - अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने डेमोक्रेटिक सांसदों ब्रैड शेरमन और कैथरीन क्लार्क से बातचीत की। इस मुलाकात में उन्होंने यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए नई दिल्ली के प्रयासों की जानकारी साझा की। क्वात्रा ने अमेरिकी सांसदों के साथ रक्षा, व्यापार, और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में भारत और अमेरिका के सहयोग पर चर्चा की, साथ ही भारत की ऊर्जा सुरक्षा की आवश्यकताओं पर भी विचार किया। यह बैठक विदेश मंत्री एस. जयशंकर की यूक्रेन यात्रा के संदर्भ में हुई।


क्वात्रा ने बृहस्पतिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘सांसद ब्रैड शेरमन के साथ आज रक्षा, व्यापार, प्रौद्योगिकी और ऊर्जा के क्षेत्र में हमारे संबंधों पर उपयोगी चर्चा हुई।’’ उन्होंने आगे कहा, ‘‘यूक्रेन की स्थिति पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया और उन्हें संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए भारत के प्रयासों से अवगत कराया। भारत-अमेरिका साझेदारी के लिए उनके समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया।’’


अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के 15वीं बार चुने गए शेरमन, सदन की विदेश मामलों और वित्तीय सेवाओं से जुड़ी समितियों के वरिष्ठ सदस्य हैं। शुक्रवार सुबह, क्वात्रा ने प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेटिक पार्टी की व्हिप कैथरीन क्लार्क से मुलाकात की और भारत तथा अमेरिका के बीच बढ़ते ऊर्जा सहयोग पर चर्चा की।


इन बैठकों का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि रूस पर प्रतिबंध लगाने वाला विधेयक अमेरिकी संसद में मंजूरी के लिए लंबित है। यह विधेयक, जिसे पिछले महीने अमेरिकी सीनेट ने पारित किया था, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस से बड़ी मात्रा में तेल खरीदने वाले देशों, जिनमें चीन और भारत भी शामिल हैं, पर 100 प्रतिशत तक शुल्क (टैरिफ) लगाने का अधिकार देने का प्रावधान करता है।