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भारत और भूटान के बीच विकास सहयोग की नई पहल

भारत और भूटान के बीच हाल ही में हुई उच्चस्तरीय वार्ता में विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। दोनों देशों ने 4,000 करोड़ रुपये की रियायती ऋण सुविधा पर हस्ताक्षर किए और स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाने का निर्णय लिया। इस वार्ता में भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत परियोजनाओं पर चर्चा की गई। जानें इस वार्ता के अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।
 

भारत-भूटान वार्ता में विकास परियोजनाओं की समीक्षा

भारत और भूटान ने हाल ही में उच्चस्तरीय वार्ता के दौरान भूटान में चल रही विकास परियोजनाओं की प्रगति का मूल्यांकन किया। इस बैठक में दोनों देशों ने 4,000 करोड़ रुपये की रियायती ऋण सुविधा के समझौते पर हस्ताक्षर किए और स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाने पर सहमति जताई। भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि विदेश सचिव विक्रम मिसरी और उनके भूटानी समकक्ष दाशो पेमा लेक्टुप दोर्जी ने बृहस्पतिवार को पांचवीं भारत-भूटान विकास सहयोग वार्ता की। इस वार्ता में भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत परियोजनाओं के कार्यान्वयन पर चर्चा की गई।


दूतावास ने बताया कि दोनों पक्षों ने विभिन्न क्षेत्रों में भारत के सहयोग से चल रही परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। भूटान ने भारत के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान की सराहना की। इसके अलावा, दोनों विदेश सचिवों ने 'थिम्पू में हरित बुनियादी ढांचा और खुले स्थान' परियोजना के तहत विकसित थिम्पू इकोलॉजिकल पार्क और ओलाखा पार्क का डिजिटल उद्घाटन भी किया।


भारत ने द्विपक्षीय आर्थिक विकास सहयोग के तहत इन परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की है। दूतावास ने बताया कि भारतीय निर्यात-आयात बैंक और भूटान के वित्त मंत्रालय के बीच 4,000 करोड़ रुपये की रियायती ऋण सुविधा के समझौते का आदान-प्रदान किया गया। इसके साथ ही, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान और भूटान के खेसर ग्यालपो आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के बीच स्वास्थ्य शिक्षा और अनुसंधान में सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन भी हस्ताक्षरित किया गया।


भूटान की हरित परिवहन पहलों के तहत भारत ने भूटान की शाही सरकार को 45 इलेक्ट्रिक वाहन भी प्रदान किए हैं। भारत, भूटान का सबसे बड़ा विकास साझेदार है और वह कई दशकों से बुनियादी ढांचे, संपर्क, शिक्षा, स्वास्थ्य और क्षमता निर्माण से संबंधित परियोजनाओं के लिए वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान करता रहा है। भारत ने भूटान के साथ अपनी दीर्घकालिक विकास साझेदारी के तहत उसकी 13वीं पंचवर्षीय योजना में सहयोग देने की प्रतिबद्धता दोहराई है।