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भारत और मंगोलिया के बीच सीधी उड़ान सेवा का शुभारंभ

भारत और मंगोलिया के बीच सोमवार से सीधी उड़ान सेवा शुरू हो गई है, जिससे यात्रा का समय आधे से कम हो गया है। यह नई सेवा हन्नू एयर द्वारा संचालित की जा रही है और इससे दोनों देशों के बीच पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। मंगोलिया से भारत आने वाले पर्यटक बौद्ध धर्म से जुड़े स्थलों तक आसानी से पहुंच सकेंगे, जबकि भारतीय पर्यटक मंगोलिया के प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले सकेंगे। यह सेवा मंगोलियाई राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान की गई घोषणा के अनुसार शुरू की गई है।
 

सीधी उड़ान सेवा का आगाज


सोमवार से भारत और मंगोलिया के बीच सीधी उड़ान सेवा शुरू हो गई है। हन्नू एयर की नियमित उड़ान ने दोनों देशों की राजधानियों को सीधे जोड़ दिया है, जिससे पहले की तुलना में यात्रा का समय काफी कम हो गया है। पहले यात्रियों को बीजिंग या इंचियोन के माध्यम से यात्रा करनी पड़ती थी, जिसमें 13 से 18 घंटे का समय लगता था।


दिल्ली से उलानबटोर की यात्रा अब आसान

उलानबटोर से पहली उड़ान सोमवार सुबह 7:20 बजे दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-3 पर पहुंची। इसके बाद, दिल्ली से पहली वापसी उड़ान दोपहर 4:37 बजे रवाना हुई। यह नई सेवा हर सोमवार को संचालित होगी, जिससे दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय आधे से भी कम हो गया है।


पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा

सीधी उड़ान के शुरू होने से दोनों देशों के बीच यात्रियों की संख्या में वृद्धि की उम्मीद है। मंगोलिया से भारत आने वाले पर्यटक बौद्ध धर्म से जुड़े प्रमुख स्थलों तक आसानी से पहुंच सकेंगे। वहीं, भारतीय पर्यटकों के लिए मंगोलिया के प्राकृतिक दृश्य और ऐतिहासिक स्थल आकर्षण का केंद्र बनेंगे। तेज कार्गो सेवा से सामान की आवाजाही भी सरल और त्वरित होगी, जिससे व्यापार को लाभ होगा।


मोदी की घोषणा का हुआ कार्यान्वयन

भारत और मंगोलिया के नागरिकों के लिए वीजा मुक्त यात्रा की सुविधा पहले से उपलब्ध है, साथ ही ई-वीजा की सुविधा भी है। यह नई हवाई सेवा मंगोलियाई राष्ट्रपति यू. खुरेलसुख की अक्टूबर 2025 में भारत यात्रा के दौरान की गई घोषणा के अनुसार शुरू की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हैदराबाद हाउस में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका ऐलान किया गया था। भारत के मंगोलिया में राजदूत अतुल मल्हारी गोटसुरवे और हन्नू एयर के CEO मुंखजारगल की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है। उलानबटोर स्थित भारतीय दूतावास ने इसे दोनों देशों के संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।