भारत का 77वां गणतंत्र दिवस: जानें क्या रहेगा खुला और क्या बंद
गणतंत्र दिवस का भव्य आयोजन
नई दिल्ली: 26 जनवरी 2026 को भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाने की तैयारी कर रहा है। नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाली परेड देश की सैन्य ताकत, सांस्कृतिक विविधता और संवैधानिक धरोहर का शानदार प्रदर्शन करेगी। इस सार्वजनिक अवकाश के चलते दिल्ली की दैनिक गतिविधियों में कुछ परिवर्तन देखने को मिलेंगे। नागरिकों के लिए यह जानना आवश्यक है कि इस दिन कौन सी सेवाएं उपलब्ध रहेंगी और कौन सी बंद रहेंगी, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।
परेड का आकर्षण
गणतंत्र दिवस परेड कर्तव्य पथ पर होगी, जहां सशस्त्र बलों की टुकड़ियां, आधुनिक हथियार और आकर्षक झांकियां प्रदर्शित की जाएंगी। इस परेड में वायुसेना का फ्लाई-पास्ट और विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी शामिल होंगी। इस आयोजन को देखने के लिए देश-विदेश से मेहमान राजधानी में आते हैं। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जाते हैं ताकि समारोह शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
क्या रहेगा बंद?
26 जनवरी को दिल्ली के सभी स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे। केंद्र और राज्य सरकार के कार्यालयों में भी कामकाज नहीं होगा। बैंकों में लेनदेन की सुविधा उपलब्ध नहीं रहेगी और अधिकांश डाकघर भी बंद रहेंगे। प्रशासनिक कार्यों से जुड़े लोगों को पहले से अपनी योजनाएं बनाने की सलाह दी गई है ताकि जरूरी काम समय पर निपटाए जा सकें।
क्या रहेगा खुला?
गणतंत्र दिवस के दिन आवश्यक सेवाएं पूरी तरह चालू रहेंगी। अस्पताल, क्लीनिक और आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं सामान्य रूप से काम करेंगी। सार्वजनिक परिवहन भी उपलब्ध रहेगा। डीटीसी बसें और टैक्सी सेवाएं चलती रहेंगी। दिल्ली मेट्रो के नियमित संचालन की उम्मीद है, हालांकि कुछ स्टेशनों पर सुरक्षा कारणों से प्रवेश और निकास नियंत्रित किया जा सकता है।
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था
परेड और उससे जुड़े कार्यक्रमों के कारण राजधानी के कई इलाकों में यातायात प्रतिबंध लागू किए जाएंगे। पुलिस और नागरिक एजेंसियां ट्रैफिक प्रबंधन और सुरक्षा में तैनात रहेंगी। लोगों से अपील की गई है कि वे ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें और अनावश्यक यात्रा से बचें। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी।
खास आकर्षण और कार्यक्रम
इस वर्ष परेड में पहली बार भारतीय सेना के रिमाउंट एंड वेटरनरी कॉर्प्स का विशेष पशु दस्ता शामिल होगा। इसमें बैक्ट्रियन ऊंट, जांस्कर टट्टू, प्रशिक्षित कुत्ते और शिकारी पक्षी शामिल होंगे, जो सैन्य अभियानों में पशुओं की भूमिका को दर्शाएंगे। 28 जनवरी को बीटिंग रिट्रीट का फुल ड्रेस रिहर्सल और 29 जनवरी को विजय चौक पर बीटिंग रिट्रीट समारोह के साथ उत्सव का औपचारिक समापन होगा।