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भारत का अग्नि-6 मिसाइल परीक्षण: 11,000 लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजने की तैयारी

भारत ने अपने परमाणु हथियारों की संख्या में वृद्धि की है और अब अग्नि-6 बैलेस्टिक मिसाइल के परीक्षण की तैयारी कर रहा है। इस परीक्षण के लिए 11,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। यह परीक्षण वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण हो सकता है, खासकर चीन के लिए। जानें इस परीक्षण की विशेषताएं और इसके संभावित प्रभाव।
 

भारत के परमाणु हथियारों की संख्या में वृद्धि

पिछले तीन वर्षों में, भारत ने अपने परमाणु हथियारों की संख्या में 26 की वृद्धि की है, जिससे अब कुल संख्या 190 हो गई है। इनमें से 178 हथियार शस्त्रागार में सुरक्षित रखे गए हैं। यह पहली बार है जब भारत ने 12 न्यूक्लियर बमों को मिसाइलों में लोड कर तैनात किया है।


विशाल परीक्षण की तैयारी

हाल ही में आई रिपोर्टों के अनुसार, भारत एक महत्वपूर्ण मिसाइल परीक्षण की योजना बना रहा है, जिसके लिए ओडिशा के बालासोर जिले में चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज में 11,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यदि रिपोर्ट सही हैं, तो भारत अग्नि-6 बैलेस्टिक मिसाइल का परीक्षण कर सकता है, जो वैश्विक स्तर पर हलचल पैदा कर सकता है।


मिसाइल परीक्षण की तैयारियां

इस परीक्षण के लिए, मिसाइल लॉन्च साइट के 1 से 3.5 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी गांवों को खाली कराया जा रहा है। निवासियों और उनके पालतू जानवरों को अस्थायी रूप से दूसरी जगह रहने की व्यवस्था की जा रही है। यदि यह अग्नि-6 का परीक्षण है, तो यह चीन के लिए चिंता का विषय बन सकता है, क्योंकि इसकी रेंज 12,000 किलोमीटर से अधिक हो सकती है।


अग्नि-6 की विशेषताएं

अग्नि-6 में एमआईआरवी तकनीक (मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल रीएंट्री व्हीकल्स) शामिल है, जिससे यह मिसाइल दुनिया के लगभग हर लक्ष्य तक पहुंच सकती है, जिसमें बीजिंग और शंघाई जैसे प्रमुख शहर भी शामिल हैं।