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भारत ने ईरान में हिंसा के बीच नागरिकों के लिए जारी की चेतावनी

भारत सरकार ने ईरान में चल रहे हिंसक प्रदर्शनों के मद्देनजर अपने नागरिकों के लिए एक सख्त चेतावनी जारी की है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने छात्रों को बाहर न निकलने और विरोध प्रदर्शनों से दूर रहने की सलाह दी है। ईरान में हालात बेहद गंभीर हैं, जहां मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, 544 लोगों की मौत हो चुकी है। भारतीय दूतावास ने सभी नागरिकों से संपर्क बनाए रखा है और उन्हें सुरक्षित बताया है। हालांकि, इंटरनेट सेवाओं के ठप होने के कारण सही जानकारी प्राप्त करना मुश्किल हो रहा है।
 

भारत सरकार की सख्त चेतावनी

नई दिल्ली: ईरान में चल रहे हिंसक प्रदर्शनों और गृहयुद्ध जैसे हालात को देखते हुए, भारत सरकार ने वहां रह रहे अपने नागरिकों के लिए एक सख्त चेतावनी जारी की है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने सोमवार को स्पष्ट रूप से कहा कि भारतीय नागरिक, विशेषकर छात्र, मौजूदा स्थिति में बाहर न निकलें और किसी भी विरोध प्रदर्शन के पास न जाएं।


दूतावास की स्थिति

जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की भारत यात्रा के बाद एक विशेष मीडिया ब्रीफिंग में विदेश सचिव ने कहा, "हम ईरान में हो रहे घटनाक्रम पर ध्यान दे रहे हैं। वहां भारतीय प्रवासियों और छात्रों की एक बड़ी संख्या है।" उन्होंने यह भी बताया कि कड़े प्रतिबंधों के बावजूद, भारतीय दूतावास ने छात्रों और नागरिकों से संपर्क बनाए रखा है। सभी भारतीय सुरक्षित हैं और उन्हें किसी बड़ी समस्या का सामना नहीं करना पड़ा है। हालांकि, सुरक्षा के दृष्टिकोण से उन्हें घर के अंदर रहने की सलाह दी गई है।


ईरान में हालात की गंभीरता

ईरान में मौत का तांडव: 544 लोगों की जान गई

ईरान में स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। मानवाधिकार संगठनों की रिपोर्टों के अनुसार, देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों और सुरक्षाबलों की कार्रवाई में अब तक कम से कम 544 लोगों की मौत हो चुकी है। अमेरिका स्थित 'ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी' के अनुसार, मरने वालों में 496 प्रदर्शनकारी और 48 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। पिछले दो हफ्तों में 10,600 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। कार्यकर्ताओं का मानना है कि वास्तविक आंकड़ा इससे कहीं अधिक हो सकता है।


सूचनाओं की कमी

इंटरनेट ठप, सही जानकारी मिलना मुश्किल

ईरान में सरकार द्वारा इंटरनेट सेवाएं बंद करने और फोन लाइनें काटने के कारण वहां की वास्तविक स्थिति का सही आकलन करना कठिन हो रहा है। सूचनाओं पर लगे प्रतिबंध के कारण अंतरराष्ट्रीय संस्थान भी मृतकों की संख्या की स्वतंत्र पुष्टि नहीं कर पा रहे हैं। ईरानी सरकार ने अब तक हताहतों के कोई आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं किए हैं।