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भारत ने राफेल जेट्स की खरीद के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया

भारत ने 114 राफेल फाइटर जेट्स की खरीद के लिए डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मंजूरी प्राप्त की है, जो कि देश के रक्षा इतिहास में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह सौदा भारतीय वायुसेना की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए आवश्यक है, खासकर जब पाकिस्तान और चीन दोनों सक्रिय हैं। जानें इस सौदे के पीछे की रणनीतियाँ और राफेल के चयन के कारण।
 

राफेल जेट्स की खरीद का प्रस्ताव

भारत ने राफेल फाइटर जेट्स के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड (डीपीबी) ने 114 राफेल मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यदि यह सौदा अंतिम रूप से संपन्न होता है, तो यह भारत के रक्षा इतिहास में सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट सौदा होगा। हालांकि, इस बड़े सौदे के साथ एक विवाद भी जुड़ा हुआ है। डीपीबी की मंजूरी का अर्थ यह नहीं है कि सौदा साइन हो गया है, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण प्रारंभिक कदम है। इसके पहले तकनीकी विकास, परिचालन आवश्यकताओं, लागत विश्लेषण और दीर्घकालिक रणनीतिक आकलन पर कई वर्षों तक काम किया गया है।


114 राफेल जेट्स की आवश्यकता

डीपीबी की मंजूरी का मतलब है कि यदि कोई बड़ी बाधा नहीं आती है, तो भारत 114 राफेल जेट्स खरीदेगा। अब सवाल यह उठता है कि भारत को 114 फाइटर जेट्स की आवश्यकता क्यों है? दरअसल, भारतीय वायुसेना को 42 स्क्वाड्रन की आवश्यकता है, जबकि वर्तमान में इसकी ताकत 30 से 31 स्क्वाड्रन है। एक स्क्वाड्रन में 16 से 18 फाइटर जेट होते हैं। समस्या यह है कि MIG-21, MIG-27 और Jaguar जैसे विमान अगले कुछ वर्षों में रिटायर होने वाले हैं। यदि नई खरीद नहीं की गई, तो भारत की वायुसेना 28 से 29 स्क्वाड्रन तक गिर सकती है, जो कि एक गंभीर स्थिति है।


भारत के विकल्प और राफेल का चयन

विशेष रूप से जब पाकिस्तान और चीन दोनों सक्रिय हैं, भारत के पास F15, F16, ग्रिफेन, और SU-57 जैसे विकल्प थे। लेकिन राफेल को इसलिए चुना गया क्योंकि यह एक कॉम्बैट वन एयरक्राफ्ट है। भारत ने पहले भी 36 राफेल खरीदे हैं, जो भारतीय वायुसेना द्वारा पूरी तरह से परीक्षण और परिचालन में हैं। राफेल मल्टी-रोल क्षमताओं से लैस है, जिसमें गहरी स्ट्राइक, न्यूक्लियर डिलीवरी और समुद्री हमले की क्षमताएं शामिल हैं। इसका मतलब है कि एक ही एयरक्राफ्ट कई भूमिकाएं निभा सकता है, और नया एयरक्राफ्ट खरीदने में 5 से 7 साल केवल परीक्षण में लगते हैं।