भारत ने लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड को 270 रनों से हराया
भारत की ऐतिहासिक जीत
यास्तिका भाटिया के शतक, स्मृति मंधाना के अर्धशतक और क्रांति गौड़ की शानदार गेंदबाजी के चलते भारत ने सोमवार को लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड को 270 रनों से पराजित किया।
चौथे दिन का खेल शुरू होते ही भारत को जीत के लिए चार विकेट की आवश्यकता थी। स्नेह राणा ने एमी जोंस को आउट कर भारत को पहली सफलता दिलाई। इसके बाद दीप्ति शर्मा ने वॉन्ग और लॉरेन बेल को बोल्ड किया।
दूसरी ओर, सोफ़ी एकलस्टन ने संघर्ष जारी रखा। जब भारत जीत से एक विकेट दूर था, तब श्री चरणी ने एकलस्टन के खिलाफ पगबाधा की अपील की, जिसे अंपायर ने ठुकरा दिया। हालांकि, कप्तान हरमनप्रीत कौर ने रिव्यू लिया, लेकिन एकलस्टन बच गईं।
एकलस्टन ने टेस्ट करियर में अपना सर्वश्रेष्ठ स्कोर बनाया, लेकिन जब वह 44 पर थीं, तब दीप्ति के खिलाफ अंपायर ने उन्हें पगबाधा करार दिया। एकलस्टन ने डीआरएस लिया, और टीवी अंपायर ने पाया कि गेंद बल्ले के अंदरूनी हिस्से से लगकर पैड पर गई थी, जिससे वह फिर से बच गईं।
राणा की गेंदबाजी के दौरान भारत ने लॉरेन फ़ाइलर के खिलाफ भी रिव्यू गंवाया। इस समय एकलस्टन 49 पर थीं। अंततः राणा ने एकलस्टन को 50 पर बोल्ड कर इंग्लैंड का अंतिम विकेट गिराया, और भारत ने यह मैच 270 रनों से जीत लिया।
इस टेस्ट में इंग्लैंड ने भारत को पहले बल्लेबाज़ी के लिए आमंत्रित किया था। मंधाना ने अपने 300वें अंतरराष्ट्रीय मैच में 83 रन बनाए, और हरमनप्रीत तथा ऋचा घोष ने भी अर्धशतक बनाए। भारत ने पहली पारी में 285 रन बनाए और गेंदबाजी में गौड़ ने महत्वपूर्ण विकेट लिए।
क्रांति गौड़ को उनकी उत्कृष्ट गेंदबाजी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला।