भारत ने संयुक्त राष्ट्र के नए नक्शे पर जताई आपत्ति
भारत की आपत्ति
नई दिल्ली। भारत ने हाल ही में जारी किए गए नए विश्व नक्शे पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। विदेश मंत्रालय ने रविवार को स्पष्ट किया कि जम्मू कश्मीर और लद्दाख सहित भारत का संपूर्ण क्षेत्र भारत के आधिकारिक नक्शे के अनुसार ही प्रदर्शित होना चाहिए। मंत्रालय ने कहा, 'हमारे क्षेत्र को गलत या भ्रामक तरीके से दिखाना स्वीकार्य नहीं है। भारत की सीमाएं स्थायी हैं, और इसमें कोई समझौता नहीं किया जा सकता।'
हालांकि, विदेश मंत्रालय ने यह भी स्वीकार किया कि भारत ने संयुक्त राष्ट्र के उस प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया, जिसमें देशों और महाद्वीपों के आकार को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के अनुसार दिखाने की बात की गई थी। लेकिन भारत ने यह स्पष्ट किया कि इसका मतलब किसी विशेष नक्शे को मान्यता देना नहीं है।
गौरतलब है कि शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने विश्व नक्शे को नए तरीके से प्रदर्शित करने का प्रस्ताव पारित किया। इस बदलाव से किसी देश या महाद्वीप का वास्तविक क्षेत्रफल नहीं बदलेगा, बल्कि नक्शे पर उनका आकार थोड़ा बड़ा या छोटा दिखाई देगा।
अफ्रीकी देशों ने लंबे समय से इस बात की शिकायत की थी कि उनके बड़े भौगोलिक क्षेत्र के बावजूद, उन्हें नक्शे पर छोटा दिखाया जाता है। नए नक्शे में अफ्रीका का आकार पहले से बड़ा होगा, जबकि यूरोप और उत्तरी अमेरिका छोटे दिखाई देंगे। एशिया के कुछ हिस्से भी पहले की तुलना में छोटे नजर आ सकते हैं। भारत को इस नए नक्शे के तरीके से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन उसकी चिंता नक्शे में भारत के क्षेत्र को गलत तरीके से दिखाए जाने की संभावना को लेकर है।
विदेश मंत्रालय ने रविवार को स्पष्ट किया कि यह प्रस्ताव किसी विशेष नक्शे, नक्शा बनाने की विधि या देशों की सीमाओं को मान्यता नहीं देता। भारत ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर और लद्दाख सहित भारत का संपूर्ण क्षेत्र भारत के आधिकारिक नक्शे के अनुसार ही प्रदर्शित होना चाहिए। भारत के क्षेत्र का कोई भी गलत या भ्रामक चित्रण स्वीकार नहीं किया जाएगा।