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भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा बढ़ी, नकली नोट तस्कर की रिहाई के बाद सतर्कता

भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों ने यूनुस अंसारी की जमानत पर रिहाई के बाद चौकसी बढ़ा दी है। अंसारी, जो नकली नोटों के तस्करी में संलिप्त रहा है, की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। उसकी रिहाई के बाद सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। जानें इस मामले में क्या कुछ नया सामने आया है और सुरक्षा एजेंसियों की क्या रणनीतियां हैं।
 

सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ी चौकसी


भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र अब एक बार फिर सुरक्षा बलों की कड़ी निगरानी में है। इसका मुख्य कारण भारतीय नकली नोटों की तस्करी में संलिप्त यूनुस अंसारी की जमानत पर रिहाई है। बारा जिले का निवासी अंसारी लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय नकली मुद्रा के नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। उसकी रिहाई की सूचना मिलते ही सीमा पर तैनात सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों की नजर अब उसके संभावित संपर्कों और गतिविधियों पर है।


रिहाई के बाद की चिंताएं

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, यूनुस अंसारी हाल ही में जमानत राशि जमा करने के बाद जेल से बाहर आया। इससे पहले वह एक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हिरासत में था। 2025 में उसकी सजा पूरी होने के बाद, नेपाल पुलिस के केंद्रीय अनुसंधान ब्यूरो ने उसे फिर से हिरासत में लिया था। अदालत द्वारा निर्धारित जमानत राशि जमा होने के बाद उसे रिहा किया गया। इस घटनाक्रम के बाद सीमा पार सक्रिय एजेंसियां उसके नेटवर्क की गतिविधियों पर अधिक ध्यान दे रही हैं।


नकली नोटों के साथ गिरफ्तारी

यूनुस अंसारी का नाम पिछले दो दशकों से नकली भारतीय मुद्रा के मामलों में सामने आता रहा है। 2009 में वह लाखों रुपये के नकली नोटों के साथ पकड़ा गया था। इसके बाद 2010 में भी उसके खिलाफ इसी तरह का मामला दर्ज हुआ। 2013 में भी उसे नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया गया। सबसे बड़ी कार्रवाई 2019 में हुई, जब काठमांडू के त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उसके पास से 7 करोड़ 67 लाख 94 हजार रुपये मूल्य के नकली भारतीय नोट बरामद हुए। इसी मामले में उसे छह वर्ष की सजा सुनाई गई।


आर्थिक गतिविधियों की जांच

नेपाल की जांच एजेंसियों ने अंसारी की आर्थिक गतिविधियों की पड़ताल की है। जांच में यह सामने आया कि नकली नोटों के कारोबार से जुड़े धन का उपयोग विभिन्न निवेशों में किया गया। अधिकारियों के अनुसार, उसके बैंक खातों और परिवार के खातों में बड़ी रकम जमा पाई गई। इसके अलावा, उसके नाम पर भूमि होने की भी जानकारी मिली है। जांच एजेंसियों का मानना है कि इन संपत्तियों के स्रोतों की गहन जांच की गई है, जिसके आधार पर उसके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया गया।


सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था में सुधार

यूनुस अंसारी की रिहाई के बाद भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। खुफिया एजेंसियां उसके पुराने संपर्कों और संभावित गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। नेपाल पुलिस के कुछ अधिकारियों का मानना है कि वह फिलहाल नेपाल में मौजूद नहीं हो सकता, लेकिन इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस बीच, सीमा क्षेत्र में तैनात एजेंसियों को सतर्क रहने और सूचनाओं के आदान-प्रदान को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी ताकि सीमा पार अपराध से जुड़े नेटवर्क पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखा जा सके.