भारत में अमेरिकी नागरिक की गिरफ्तारी: क्या है सच्चाई?
हाल ही में भारत में एक अमेरिकी नागरिक जॉर्डन ब्राउन को गिरफ्तार किया गया है, जिसे संभावित रूप से एक अमेरिकी एजेंट माना जा रहा है। यह घटना भारत-नेपाल सीमा पर हुई, जहां स्थानीय निवासियों ने उसे पकड़कर रस्सी से बांध दिया। जॉर्डन ने पुलिस को बताया कि वह बिना दस्तावेजों के नेपाल भागने का प्रयास कर रहा था। उसकी गिरफ्तारी से पहले, एक यूक्रेनी महिला और एक सीआईए एजेंट भी पकड़े गए थे, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या अमेरिका और यूक्रेन के एजेंट भारत के खिलाफ किसी बड़े षड्यंत्र में शामिल हैं।
Jul 14, 2026, 13:13 IST
अमेरिकी नागरिक की गिरफ्तारी
भारत में एक अमेरिकी नागरिक को गिरफ्तार किया गया है, जिसे संभावित रूप से एक अमेरिकी एजेंट माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश के स्थानीय निवासियों ने इस व्यक्ति के पैरों में रस्सी बांध दी। यह घटना भारत-नेपाल सीमा पर हुई, जहां सशस्त्र सीमा बल ने जॉर्डन ब्राउन नामक इस अमेरिकी नागरिक को सोनौली बॉर्डर क्रॉसिंग पर पकड़ा। रिपोर्ट्स के अनुसार, जॉर्डन ब्राउन पूर्व में अमेरिकी नौसेना और विशेष बलों का सदस्य रह चुका है। उसने पुलिस को बताया कि वह उत्तर प्रदेश के महाराजगंज में स्थित सोनौली सीमा से नेपाल भागने का प्रयास कर रहा था। जब सशस्त्र सीमा बल के जवानों ने उसे रोका, तो उसने भागने की कोशिश की, जिसके बाद गांव वालों ने उसे पकड़ लिया और रस्सी से बांध दिया।
जॉर्डन ब्राउन का बयान
जांच के दौरान, जॉर्डन ने बताया कि उसके पास कोई दस्तावेज नहीं है क्योंकि उसका पासपोर्ट थाईलैंड में खो गया था। वह समुद्र के रास्ते श्रीलंका पहुंचा और फिर भारत आया। नेपाल जाने के प्रयास में उसे गिरफ्तार किया गया। जॉर्डन ने यह भी कहा कि उसने कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय से पढ़ाई की थी और छह साल तक अमेरिकी नौसेना और विशेष बलों में सेवा की। दो साल पहले उसने सेना छोड़ दी थी। पुलिस के अनुसार, जॉर्डन ब्राउन भारत में अपनी यात्रा के बारे में भिन्न-भिन्न बातें बता रहा है, जिससे उसकी कहानी पर संदेह उत्पन्न हो रहा है।
अमेरिकी और यूक्रेनी एजेंटों की गतिविधियाँ
जॉर्डन ब्राउन की गिरफ्तारी से कुछ दिन पहले, भारत-नेपाल सीमा से एक यूक्रेनी महिला को भी पकड़ा गया था। यह एक चिंताजनक पैटर्न है। कुछ समय पहले, भारत ने म्यांमार जाने की कोशिश कर रहे एक सीआईए एजेंट मैथ्यू वेंडाइक को भी गिरफ्तार किया था। उसके साथ छह यूक्रेनी एजेंट भी थे। यह संकेत करता है कि अमेरिका और यूक्रेन के एजेंट भारत के खिलाफ किसी बड़े षड्यंत्र में शामिल हो सकते हैं। मैथ्यू वेंडाइक को कोलकाता से गिरफ्तार किया गया था, जबकि वह नॉर्थ ईस्ट राज्यों से म्यांमार में घुसने का प्रयास कर रहा था। इससे पहले, बांग्लादेश में एक पूर्व अमेरिकी सैनिक एरविल जैक्सन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, एरविल जैक्सन भारत के खिलाफ जानकारी जुटा रहा था।