भारत में तकनीकी नवाचारों का विस्तार: पीएम मोदी का VivaTech 2026 में संबोधन
प्रधानमंत्री मोदी का VivaTech 2026 में भाषण
गुरुवार को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि भारत विभिन्न क्षेत्रों जैसे वित्तीय समावेशन, शिक्षा, टेलीमेडिसिन और कृषि में तकनीक का व्यापक उपयोग कर रहा है। VivaTech 2026 में अपने संबोधन में, उन्होंने कहा कि भारत अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी से लेकर परमाणु ऊर्जा तक मानव क्षमता को बढ़ाने की दिशा में अग्रसर है। पीएम मोदी ने पेरिस में VivaTech के 10वें संस्करण में भाग लेने की खुशी व्यक्त की और इस कार्यक्रम को यूरोप का सबसे बड़ा तकनीकी आयोजन बताया। उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों और आयोजकों को इस सफलता के लिए बधाई दी।
उन्होंने आगे कहा कि 2026 भारत और यूरोप के लिए एक महत्वपूर्ण वर्ष है, क्योंकि इस वर्ष की शुरुआत में भारत-यूरोपीय संघ के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता संपन्न हुआ। यह समझौता व्यापार और निवेश को बढ़ावा देगा और प्रतिभा, प्रौद्योगिकी और पर्यटन के आदान-प्रदान के लिए नए रास्ते खोलेगा।
भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर का महत्व
पीएम मोदी ने बताया कि इस वर्ष 'भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर' की शुरुआत के साथ, फ्रांस भारत और यूरोप के तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत का मानना है कि इस परिवर्तन के दौर में तकनीक का लाभ सभी को मिलना चाहिए।
उन्होंने उल्लेख किया कि हाल ही में नीस में 'भारत इनोवेट्स' कार्यक्रम से लेकर पेरिस में हो रहे 'विवा टेक' तक, भारतीय स्टार्टअप नई साझेदारियों की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। स्पेस टेक्नोलॉजी और न्यूक्लियर एनर्जी के क्षेत्र में भी भारत तेजी से प्रगति कर रहा है।
डिजिटल पहचान और भुगतान प्रणाली
प्रधानमंत्री ने बताया कि फ्रांस में एफिल टॉवर और पेरिस एयरपोर्ट पर भी UPI का उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत ने दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल पहचान प्रणाली और सबसे बड़ा डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म विकसित किया है।
उन्होंने बताया कि भारत में आज दुनिया के आधे रियल-टाइम डिजिटल लेनदेन UPI के माध्यम से होते हैं। इसके अलावा, डिजिलॉकर जैसे कई विश्वस्तरीय डिजिटल सार्वजनिक सुविधाएं भी उपलब्ध हैं, जो दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल दस्तावेज़ वॉलेट में से एक हैं।