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भारत में मेडिकल स्टोर बंद: दवाओं की सप्लाई पर असर नहीं पड़ेगा

20 मई को भारत में मेडिकल स्टोर बंद रखने का निर्णय लिया गया है, जिसके चलते कई राज्य सरकारें दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय हैं। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स ने ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों पर आरोप लगाया है कि वे नियमों का पालन नहीं कर रही हैं। विभिन्न राज्यों ने आवश्यक दवाओं की सप्लाई बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। जानें इस स्थिति में क्या कदम उठाए गए हैं और स्वास्थ्य मंत्री क्या कहते हैं।
 

मेडिकल स्टोर बंद का ऐलान


नई दिल्ली: आज, 20 मई को, देशभर में मेडिकल स्टोर बंद रखने का निर्णय लिया गया है, जिसके चलते कई राज्य सरकारें दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तैयार हैं। यह एक दिन का राष्ट्रव्यापी बंद ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स द्वारा आयोजित किया गया है।


ऑनलाइन फार्मेसी पर चिंता

संगठन ने आरोप लगाया है कि ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियां बिना उचित निगरानी के कार्य कर रही हैं और भारी छूट देकर छोटे मेडिकल स्टोरों को नुकसान पहुंचा रही हैं। केमिस्ट संगठनों का कहना है कि ऑनलाइन दवा बिक्री में नियमों का पालन नहीं हो रहा है।


संगठन की चेतावनी

उन्होंने चेतावनी दी है कि इससे डॉक्टरों की पुरानी पर्चियों का दुरुपयोग, दवाओं का गलत उपयोग और एंटीबायोटिक दवाओं का दुरुपयोग जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। यदि इस पर सख्ती नहीं की गई, तो यह भविष्य में सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।


राज्यों में इंतजाम

स्थिति को देखते हुए, महाराष्ट्र, तेलंगाना, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश जैसे कई राज्यों ने आवश्यक दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए हैं। महाराष्ट्र में, फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने अस्पतालों से जुड़े मेडिकल स्टोरों और 24 घंटे खुलने वाली फार्मेसी को आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही, किसी भी समस्या के समाधान के लिए कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है।


तेलंगाना में स्थिति

तेलंगाना में, ड्रग्स कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन ने आश्वासन दिया है कि जीवन रक्षक और आवश्यक दवाओं की आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी। अस्पतालों के मेडिकल स्टोर खुले रहेंगे और अधिकारियों को स्थानीय दवा व्यापारियों के साथ संपर्क में रहने के निर्देश दिए गए हैं।


तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री का बयान

तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री के. जी. अरुणराज ने कहा है कि राज्य में दवाओं की कोई कमी नहीं होगी। सरकारी मेडिकल स्टोर, सहकारी फार्मेसी और जन औषधि केंद्र खुले रहेंगे। राज्य में लगभग 5000 मेडिकल स्टोर बंद के दौरान भी कार्य करते रहेंगे। शिकायतों के लिए हेल्प डेस्क और निरीक्षण टीमें भी तैनात की गई हैं।


आंध्र प्रदेश में स्थिति

आंध्र प्रदेश में लगभग 43 हजार मेडिकल स्टोर इस बंद में शामिल हो सकते हैं। वहां के केमिस्ट संगठन ने आरोप लगाया है कि ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियां बिना उचित जांच के दवाइयां बेच रही हैं और भारी डिस्काउंट देकर छोटे दुकानदारों को नुकसान पहुंचा रही हैं। संगठन ने ई-फार्मेसी और होम डिलीवरी से जुड़े नियमों को वापस लेने की मांग की है।


हालांकि, राज्य सरकारों ने स्पष्ट किया है कि अस्पतालों, सरकारी केंद्रों और बड़ी फार्मेसी चेन के माध्यम से आवश्यक दवाओं की उपलब्धता बनी रहेगी और इमरजेंसी सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा।