भारत-यूएई संबंधों में नई ऊँचाई: राष्ट्रपति नाहयान का महत्वपूर्ण दौरा
यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने हाल ही में भारत का दौरा किया, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के साथ कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। इस यात्रा के दौरान, दोनों देशों ने व्यापार, रक्षा और डिजिटल एंबेसी जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण समझौतों पर सहमति जताई। 2032 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया। जानें इस यात्रा की खास बातें और इसके पीछे की भू-राजनीतिक पृष्ठभूमि।
Jan 20, 2026, 15:53 IST
भारत और यूएई के बीच नए समझौतों की शुरुआत
भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के संबंधों में एक नया अध्याय जुड़ गया है। हाल ही में, यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत का दौरा किया। प्रधानमंत्री मोदी ने खुद एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया, जिसके बाद दोनों नेता एक ही वाहन में प्रधानमंत्री आवास की ओर बढ़े। वहां, उन्होंने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की और दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों पर सहमति बनी। यह दौरा भारत और यूएई के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहा, जिसमें रक्षा, व्यापार, यमन, गाजा, डिजिटल एंबेसी और निवेश जैसे मुद्दों पर सहमति बनी।
दौरे की प्रमुख बातें
यूएई के राष्ट्रपति का यह दौरा लगभग 2 घंटे का था, जिसमें पीएम मोदी से उनकी मुलाकात हुई। एयरपोर्ट पर पीएम मोदी ने उनका स्वागत किया और दोनों नेता एक ही कार में पीएम आवास पहुंचे। इस बैठक में, दोनों देशों ने 2032 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करके 200 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया। वर्तमान में, दोनों देशों के बीच व्यापार 100 अरब डॉलर है।
डिजिटल एंबेसी और अन्य समझौते
दोनों देशों ने 'डिजिटल एंबेसी' स्थापित करने पर सहमति जताई है, जिसका अर्थ है कि संवेदनशील डेटा को दूसरे देश में सुरक्षित सर्वर पर रखा जाएगा। इसके अलावा, भुगतान प्लेटफॉर्म को जोड़ने, क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट सिस्टम, भारतीय उत्पादों को नए बाजारों में पहुंचाने और गुजरात के धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन में यूएई की भागीदारी जैसे 12 बिंदुओं पर सहमति बनी। इस यात्रा के दौरान, दोनों नेताओं ने पाकिस्तान के संदर्भ में भी विचार साझा किए और आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता दिखाई।
एलएनजी सप्लाई डील और परमाणु सहयोग
भारत को 10 साल की एलएनजी सप्लाई डील
एचपीसीएल और यूएई के बीच 10 साल का एलएनजी (प्राकृतिक गैस) समझौता हुआ है, जिसके तहत भारत को 2028 से लंबी अवधि की सप्लाई मिलेगी। इस डील के अनुसार, एचपीसीएल हर साल 0.5 मिलियन मीट्रिक टन एलएनजी खरीदेगा।
इसके अलावा, भारत और यूएई ने बड़े परमाणु रिएक्टर और छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर पर सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। दोनों देश इन रिएक्टरों के संचालन, देखरेख, नई तकनीक और परमाणु सुरक्षा में सहयोग करेंगे।
यात्रा की महत्वपूर्ण पृष्ठभूमि
यात्रा की टाइमिंग बहुत महत्वपूर्ण है
यूएई के राष्ट्रपति की भारत यात्रा के सकारात्मक परिणामों के बावजूद, कई लोग जानना चाहते हैं कि इस यात्रा का असली कारण क्या था। मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए, यह यात्रा यमन में बढ़ते तनाव के संदर्भ में हुई है। पिछले साल दिसंबर में, सऊदी अरब ने यूएई पर यमन में अलगाववादी समूहों का समर्थन करने का आरोप लगाया था। यूएई ने अपने सैनिकों को वापस बुलाने का निर्णय लिया है, जो इस यात्रा की पृष्ठभूमि को स्पष्ट करता है।