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भारत-यूके व्यापार समझौता: मई में लागू होने की उम्मीद, जानें क्या होगा सस्ता

भारत और यूके के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता मई में लागू होने की संभावना है। इस समझौते के तहत भारत के 99% निर्यात को यूके में बिना शुल्क के पहुँच मिलेगी। कई ब्रिटिश उत्पादों पर टैरिफ में कमी की जाएगी, जिससे चॉकलेट, बिस्किट, और स्कॉच व्हिस्की जैसी चीजें सस्ती होंगी। यह समझौता भारतीय उद्योगों के लिए नए अवसर खोलेगा और 2030 तक व्यापार को $56 अरब तक पहुँचाने का लक्ष्य है। जानें इस समझौते के अन्य लाभ और क्या-क्या सस्ता होगा।
 

भारत और यूके के बीच व्यापार समझौता

भारत-यूके व्यापार समझौता: भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) मई के दूसरे सप्ताह में लागू होने की संभावना है। यह समझौता दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।


यह समझौता, जिसे औपचारिक रूप से 24 जुलाई, 2025 को 'व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते' (CETA) के तहत हस्ताक्षरित किया गया था, का मुख्य उद्देश्य व्यापार और निवेश को बढ़ावा देना है।


समझौते की मुख्य विशेषताएँ

इस समझौते की बड़ी बात क्या है?


इस समझौते के तहत: भारत के 99% निर्यात को यूके के बाजारों में बिना किसी शुल्क (zero-duty) के पहुँच मिलेगी।
भारत कई ब्रिटिश उत्पादों पर टैरिफ़ में कमी करेगा, जिनमें कारें और शराब शामिल हैं।


अधिकारियों का कहना है कि यह FTA, 'दोहरे योगदान समझौते' (DCC)—जो कर्मचारियों को दो बार सामाजिक सुरक्षा कर देने से रोकता है—के साथ ही लागू किया जा सकता है।


भारत में क्या सस्ता होगा?

भारत में क्या सस्ता होगा?


टैरिफ़ में कटौती के साथ, यूके से आयातित कई उत्पादों की कीमतें कम होने की उम्मीद है, जिनमें शामिल हैं:



  • चॉकलेट

  • बिस्किट

  • कॉस्मेटिक्स (सौंदर्य प्रसाधन)

  • प्रीमियम कारें

  • स्कॉच व्हिस्की


विशेष रूप से, स्कॉच व्हिस्की पर शुल्क तुरंत 150% से घटाकर 75% किया जाएगा, और 2035 तक इसे और घटाकर 40% तक लाने की योजना है।


भारतीय निर्यात को बढ़ावा

भारतीय निर्यात को बढ़ावा


यह समझौता यूके के बाजार में भारतीय उद्योगों के लिए कई नए अवसर खोलेगा, जिनमें शामिल हैं:



  • कपड़ा और परिधान

  • जूते-चप्पल

  • त्न और आभूषण

  • खिलौने और खेल का सामान


इस बेहतर पहुँच से भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता को वैश्विक स्तर पर मजबूती मिलने की उम्मीद है।


ऑटो सेक्टर में बदलाव

ऑटो सेक्टर में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे


भारत एक कोटा प्रणाली के तहत, पाँच साल के भीतर वाहनों पर आयात शुल्क को धीरे-धीरे 100% से घटाकर केवल 10% तक लाएगा।


इसके बदले में, भारतीय निर्माताओं को यूके के बाजार में बेहतर पहुँच मिलेगी, विशेषकर इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों के क्षेत्र में।


व्यापार का लक्ष्य

व्यापार का लक्ष्य: 2030 तक $56 अरब


इस समझौते का लक्ष्य 2030 तक दोनों देशों के बीच व्यापार को दोगुना करके $56 अरब तक पहुँचाना है, जिससे यह दोनों देशों के लिए सबसे महत्वाकांक्षी आर्थिक साझेदारियों में से एक बन जाएगा।


आगे क्या होगा? भारत-यूके FTA से ये उम्मीदें हैं:



  • उपभोक्ताओं के लिए कीमतें कम होंगी

  • निर्यात और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा

  • दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध मज़बूत होंगे


अगर इसे योजना के मुताबिक लागू किया जाता है, तो यह समझौता व्यापार के समीकरणों को नया रूप दे सकता है और दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए फ़ायदेमंद साबित हो सकता है।