×

भारतीय रेलवे का नया अपडेट: अमृत भारत II एक्सप्रेस में बदलाव

भारतीय रेलवे ने नए साल की शुरुआत में अमृत भारत II एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन की घोषणा की है। जनवरी 2026 से शुरू होने वाली इस सेवा में नए किराए और बुकिंग नियम लागू होंगे। यात्रियों को अब स्लीपर क्लास में यात्रा के लिए न्यूनतम 200 किलोमीटर का किराया चुकाना होगा। इसके अलावा, आरएसी टिकट का प्रावधान समाप्त कर दिया गया है, जिससे यात्रियों को कन्फर्म सीट मिलेगी। जानें और क्या बदलाव हुए हैं और कैसे ये यात्रियों को प्रभावित करेंगे।
 

नई ट्रेन सेवा की शुरुआत

नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने नए साल की शुरुआत में यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। जनवरी 2026 से 'अमृत भारत II एक्सप्रेस' ट्रेनों का संचालन शुरू किया जाएगा। रेलवे बोर्ड ने इन ट्रेनों के लिए एक विशेष पत्र जारी किया है, जिसमें किराए और बुकिंग के नियमों में महत्वपूर्ण परिवर्तन किए गए हैं। हालांकि, बेसिक किराए में कोई वृद्धि नहीं की गई है, लेकिन न्यूनतम दूरी के नए नियम लागू होने से कम दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों पर असर पड़ेगा।


न्यूनतम किराया नियम

रेलवे के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, अमृत भारत II एक्सप्रेस में यात्रा के लिए 'मिनिमम डिस्टेंस' का नियम लागू किया गया है। स्लीपर क्लास में यात्रा करने के लिए यात्रियों को कम से कम 200 किलोमीटर का किराया चुकाना होगा, जो कि 149 रुपये निर्धारित किया गया है। इसका अर्थ है कि यदि कोई यात्री 100 या 150 किलोमीटर की यात्रा करता है, तो भी उसे 200 किलोमीटर का ही भुगतान करना होगा। वहीं, सेकेंड क्लास (जनरल) के लिए न्यूनतम दूरी 50 किलोमीटर और किराया 36 रुपये रखा गया है। इसके अलावा, रिजर्वेशन चार्ज और सुपरफास्ट सरचार्ज अलग से जोड़े जाएंगे।


आरएसी टिकट का प्रावधान समाप्त

यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, रेलवे ने अमृत भारत II एक्सप्रेस के स्लीपर क्लास में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब आरएसी (Reservation Against Cancellation) टिकट का प्रावधान समाप्त कर दिया गया है। इसका मतलब है कि यात्रियों को अब आधी-अधूरी सीट का सामना नहीं करना पड़ेगा। एडवांस रिजर्वेशन पीरियड (ARP) के पहले दिन से सभी बर्थ पूर्ण सीट के रूप में उपलब्ध होंगी। हालांकि, अनारक्षित द्वितीय श्रेणी के लिए पुराने नियम लागू रहेंगे।


कोटा प्रणाली में बदलाव

बुकिंग प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए कोटे की संख्या को सीमित कर दिया गया है। अब स्लीपर क्लास में केवल तीन प्रकार के कोटे—महिला, दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिक—ही मान्य होंगे। इसके अलावा, लोअर बर्थ के लिए भी नियम स्पष्ट किए गए हैं। सिस्टम अब 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के पुरुषों और 45 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाओं को उपलब्धता के आधार पर अपने आप लोअर बर्थ आवंटित करने का प्रयास करेगा। यदि कोई यात्री ऐसे बच्चे के साथ यात्रा कर रहा है जिसकी अलग से बर्थ नहीं ली गई है, तो उसे भी प्राथमिकता के आधार पर लोअर बर्थ दिया जाएगा।


डिजिटल भुगतान और रिफंड प्रक्रिया

रेलवे ने रिफंड प्रक्रिया को तेज करने के लिए भी एक बड़ा कदम उठाया है। अब कैंसिल किए गए टिकटों का रिफंड 24 घंटे के भीतर यात्रियों के खाते में भेजने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए नई नीति अपनाई गई है, जिसके तहत आरक्षित टिकटों के लिए भुगतान केवल डिजिटल माध्यम से स्वीकार करने पर जोर दिया जाएगा। काउंटर से टिकट खरीदते समय भी डिजिटल भुगतान को प्राथमिकता दी जाएगी। रेलवे का मानना है कि इससे रिफंड प्रक्रिया में तेजी आएगी। यदि डिजिटल भुगतान संभव नहीं होता है, तो सामान्य नियमों के तहत रिफंड दिया जाएगा।