भारतीय रेलवे के नए नियम: तत्काल टिकट और अतिरिक्त सामान की ऑनलाइन बुकिंग
नई दिल्ली में रेलवे के नए नियमों की घोषणा
नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने 1 अगस्त से यात्रियों की सुविधा के लिए कई नए नियम लागू किए हैं। इन परिवर्तनों का मुख्य उद्देश्य तत्काल टिकट बुकिंग को अधिक सुव्यवस्थित करना और अतिरिक्त सामान की बुकिंग को सरल बनाना है। पश्चिम मध्य रेलवे ने रिजर्वेशन काउंटरों पर तत्काल टिकट के लिए एक नया टोकन सिस्टम शुरू किया है। इसके साथ ही, 31 जुलाई 2026 से अतिरिक्त सामान की ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
टोकन प्रणाली का परिचय
नए नियमों के अनुसार, रिजर्वेशन काउंटर पर तत्काल टिकट लेने वाले यात्रियों को पहले टोकन प्राप्त करना होगा। यह व्यवस्था लंबी कतारों और भीड़ को कम करने में सहायक होगी। रेलवे ने यात्रियों को विभिन्न श्रेणियों में वर्गीकृत किया है। जो यात्री अपने और अपने परिवार के लिए टिकट बुक करेंगे, उन्हें श्रेणी ए में रखा जाएगा और उनकी बुकिंग को प्राथमिकता दी जाएगी।
टोकन प्राप्त करने की प्रक्रिया
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि टोकन केवल उसी व्यक्ति के नाम पर जारी किया जाएगा जो टिकट बुक करेगा। यह टोकन किसी अन्य व्यक्ति को हस्तांतरित नहीं किया जा सकेगा। टिकट बुकिंग के समय आधार कार्ड या अन्य वैध पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य होगा।
तत्काल एसी टिकट के लिए टोकन सुबह 8:30 बजे से 9:00 बजे तक दिए जाएंगे, और केवल 10 टोकन जारी किए जाएंगे। वहीं, स्लीपर और नॉन एसी तत्काल टिकट के लिए टोकन सुबह 9:00 बजे से 9:30 बजे तक मिलेंगे, और इनके लिए केवल 15 टोकन उपलब्ध होंगे।
ऑनलाइन लगेज बुकिंग की प्रक्रिया
रेलवे ने अतिरिक्त सामान ले जाने वाले यात्रियों के लिए भी एक नई सुविधा शुरू की है। अब कन्फर्म टिकट वाले यात्री अतिरिक्त लगेज की ऑनलाइन बुकिंग कर सकेंगे। पहले इसके लिए स्टेशन के पार्सल कार्यालय में जाकर अलग से प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती थी, लेकिन अब यह सुविधा ऑनलाइन उपलब्ध होगी। अतिरिक्त सामान के लिए सामान्य लगेज शुल्क का 1.5 गुना शुल्क देना होगा।
लगेज ले जाने की सीमा
रेलवे के अनुसार, मुफ्त सामान ले जाने की सीमा पहले की तरह निर्धारित रहेगी। फर्स्ट एसी में 70 किलोग्राम, सेकेंड एसी में 50 किलोग्राम, थर्ड एसी और स्लीपर में 40 किलोग्राम तथा जनरल श्रेणी में 35 किलोग्राम तक सामान बिना अतिरिक्त शुल्क के ले जाया जा सकता है। इससे अधिक वजन होने पर अतिरिक्त शुल्क देकर ऑनलाइन बुकिंग करनी होगी। रेलवे का मानना है कि इन नए नियमों से टिकट बुकिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी।