भारतीय रेलवे ने RailOne ऐप पर सीजन टिकट बुकिंग की नई सुविधा शुरू की
नई दिल्ली में रेलवे की नई पहल
नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने यात्रियों के लिए डिजिटल टिकट प्रणाली को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। रेलवे बोर्ड की स्वीकृति के बाद, RailOne ऐप पर शेयरेबल UTS सीजन टिकट की सुविधा 2 सितंबर 2026 से लागू हो गई है। इस नई व्यवस्था के तहत, यात्री अब न केवल अपने लिए, बल्कि अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के लिए भी घर बैठे सीजन टिकट यानी मंथली पास बुक कर सकेंगे। इससे टिकट बनाने की प्रक्रिया में आसानी होगी।
नई व्यवस्था के लाभ
इस नई व्यवस्था के अंतर्गत, रजिस्टर्ड उपयोगकर्ता अपने लिए टिकट बनाने के साथ-साथ अधिकतम पांच अन्य पात्र व्यक्तियों या परिवार के सदस्यों के लिए भी सीजन टिकट बुक कर सकते हैं। हालांकि, मुंबई लोकल में एक व्यक्ति के नाम पर एक से अधिक सीजन टिकट लेने की अनुमति पहले से लागू उपनगरीय नियमों के अनुसार ही रहेगी। जिस व्यक्ति के नाम पर टिकट जारी किया जाएगा, यात्रा का अधिकार भी उसी यात्री को होगा। इसका मतलब है कि टिकट को किसी अन्य व्यक्ति को देकर यात्रा नहीं की जा सकेगी।
बुकिंग और वैधता की जानकारी
जो सीजन टिकट आपके नाम पर बुक किया गया है, वह बुकिंग वाले दिन से मान्य होगा। इसके लिए जियो-फेंसिंग सत्यापन आवश्यक है। वहीं, किसी अन्य व्यक्ति के नाम से बुक किया गया शेयरेबल सीजन टिकट बुकिंग की तारीख के अगले दिन से प्रभावी होगा। रेलवे ने उम्र के संबंध में भी स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं। RailOne ऐप पर टिकट बुक करने वाले मुख्य उपयोगकर्ता की उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।
टिकट की वैधता के लिए आवश्यक शर्तें
दूसरे यात्री के लिए सीजन टिकट बनाते समय उसकी उम्र कम से कम 5 वर्ष होनी चाहिए। यात्रा के दौरान, यात्री को शेयरेबल सीजन टिकट की प्रिंटेड कॉपी या मोबाइल में मौजूद वैध पीडीएफ या इलेक्ट्रॉनिक कॉपी दिखानी होगी। टिकट पर यात्री की स्पष्ट फोटो और आवश्यक विवरण होना चाहिए। फोटो टिकट के क्यूआर कोड में भी डिजिटल रूप से दर्ज होती है। केवल पेमेंट रसीद, पे स्लिप या अधूरी जानकारी वाला स्क्रीनशॉट मान्य नहीं होगा।
टिकट जांच की प्रक्रिया
टिकट की जांच के दौरान, कर्मचारी पहले टिकट पर मौजूद फोटो का मिलान यात्री से करेंगे। यदि किसी प्रकार का संदेह होता है, तो टीटीई हैंड हेल्ड टर्मिनल यानी HHT मशीन से क्यूआर कोड स्कैन करेगा। इसके बाद मशीन पर दिखाई देने वाली डिजिटल फोटो और यात्री के डेटा का मिलान किया जाएगा। यदि क्यूआर कोड खराब, बदला हुआ, छेड़छाड़ किया गया या पढ़ने योग्य नहीं है और HHT से डिजिटल सत्यापन संभव नहीं होता, तो टिकट को अवैध माना जाएगा।