भारतीय शेयर बाजार में गिरावट, आईटी क्षेत्र में वृद्धि
शेयर बाजार में गिरावट का दौर
विदेशों से मिले नकारात्मक संकेतों के चलते, भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट देखने को मिली। बीएसई का सेंसेक्स 778 अंक की कमी के साथ बंद हुआ।
सेंसेक्स ने 75,369.63 अंक पर लगभग 588 अंक की वृद्धि के साथ शुरुआत की और एक समय में 655 अंक तक चढ़ा। लेकिन थोड़ी देर बाद बिकवाली का दौर शुरू हुआ, जिससे सेंसेक्स 73,994 अंक तक गिर गया। इस प्रकार, इसमें 1,375 अंकों का उतार-चढ़ाव देखा गया। अंत में, सेंसेक्स 777.94 अंक (1.04 प्रतिशत) की गिरावट के साथ 74,003.82 अंक पर बंद हुआ।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी कारोबार के अंत में 279.50 अंक यानी 1.19 प्रतिशत की कमी के साथ 23,118.60 अंक पर रहा।
बाजार में व्यापक बिकवाली के बावजूद, आईटी क्षेत्र में खरीदारी का रुख रहा। निफ्टी आईटी सूचकांक 2.19 प्रतिशत की वृद्धि के साथ बंद हुआ। अन्य सभी क्षेत्रों में बिकवाली का दबाव बना रहा। रियल्टी समूह का सूचकांक 4.04 प्रतिशत, रसायन समूह का 3.42 प्रतिशत, धातु का 2.54 प्रतिशत, और अन्य क्षेत्रों में भी गिरावट दर्ज की गई।
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका के चलते, अधिकांश प्रमुख एशियाई शेयर बाजार भी लाल निशान में रहे। यूरोपीय बाजार भी गिरावट के साथ खुले।
सेंसेक्स में प्रमुख कंपनियों का प्रदर्शन
सेंसेक्स की कंपनियों में बीईएल का शेयर सबसे अधिक छह प्रतिशत, इंडिगो का चार प्रतिशत और टाइटन, बजाज फिनसर्व तथा अडानी पोर्ट्स के शेयर तीन-तीन प्रतिशत गिर गए। महिंद्रा एंड महिंद्रा, भारतीय स्टेट बैंक, ट्रेंट, एशियन पेंट्स, बजाज फाइनेंस, इटरनल, अल्ट्राटेक सीमेंट, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और पावरग्रिड के शेयर दो से तीन प्रतिशत नीचे बंद हुए।
आईसीआईसीआई बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एलएंडटी और मारुति सुजुकी के शेयर एक से दो प्रतिशत तक गिरे। एनटीपीसी, आईटीसी और सन फार्मा के शेयर भी नुकसान में रहे।
हालांकि, सूचना एवं प्रौद्योगिकी कंपनी एचसीएल टेक्नोलॉजीज का शेयर करीब चार प्रतिशत और इंफोसिस का साढ़े तीन प्रतिशत से अधिक चढ़ा। टेक महिंद्रा और टीसीएस के शेयर भी दो प्रतिशत से अधिक मजबूत हुए। एचडीएफसी बैंक का शेयर सवा फीसदी की वृद्धि के साथ बंद हुआ।