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भारतीय शेयर बाजार में गिरावट, निवेशकों की सतर्कता बनी रही

बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट आई, जिसमें सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में बंद हुए। वैश्विक आर्थिक हालात और भू-राजनीतिक तनावों के कारण निवेशकों का रुख सतर्क बना हुआ है। जानें बाजार के प्रमुख संकेत और भविष्यवाणी के बारे में, जिसमें निफ्टी के लिए महत्वपूर्ण स्तरों का उल्लेख किया गया है।
 

बाजार का हाल

बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका-भारत व्यापार समझौते की अनिश्चितता के बीच, बुधवार को भारतीय शेयर बाजार ने लाल निशान में कारोबार समाप्त किया। दिन के दौरान, घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्क में उतार-चढ़ाव के साथ आईटी और रियल्टी शेयरों में कमजोरी ने बाजार पर दबाव डाला।


सेंसेक्स और निफ्टी का प्रदर्शन

कारोबार के अंत में, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 244.98 अंक यानी 0.29 प्रतिशत गिरकर 83,382.71 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 66.70 अंक (0.26 प्रतिशत) की गिरावट के साथ 25,665.60 पर बंद हुआ।


व्यापक बाजार में मजबूती

हालांकि, व्यापक बाजार में मजबूती देखी गई। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.67 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.29 प्रतिशत की तेजी आई।


सेक्टरवार प्रदर्शन

सेक्टरवार, निफ्टी आईटी इंडेक्स में 1.08 प्रतिशत और निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में 0.92 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके विपरीत, निफ्टी मेटल इंडेक्स 2.70 प्रतिशत और निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 2.13 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुए।


टॉप गेनर्स और लूजर्स

सेंसेक्स में टाटा स्टील, एनटीपीसी, एक्सिस बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, इटरनल और बीईएल टॉप गेनर्स में शामिल रहे। वहीं, एशियन पेंट्स, टीसीएस, मारुति सुजुकी, सन फार्मा, हिंदुस्तान यूनिलीवर और कोटक बैंक के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट आई।


बाजार की स्थिति

मार्केट विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय शेयर बाजार में मामूली गिरावट आई है। वैश्विक आर्थिक हालात और भू-राजनीतिक तनावों के कारण निवेशकों का रुख सतर्क बना हुआ है। अमेरिका की व्यापार और टैरिफ नीतियों की अनिश्चितता, ईरान में बढ़ती अशांति और वहां अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप की आशंका ने निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को प्रभावित किया है।


निफ्टी के लिए भविष्यवाणी

एक्सपर्ट्स का कहना है कि निफ्टी 25,900 स्तर पर बार-बार रुकावट का सामना कर रहा है, जिससे तेजी पर ब्रेक लगा है। यदि निफ्टी 25,600 के नीचे गिरता है, तो गिरावट 25,500 से 25,450 तक बढ़ सकती है।


मोमेंटम इंडिकेटर्स

विशेषज्ञों ने बताया कि मोमेंटम इंडिकेटर्स भी कमजोरी दिखा रहे हैं। आरएसआई लगभग 40 के पास है, जो मंदी का संकेत देता है, जबकि एमएसीडी नकारात्मक क्षेत्र में है। इंट्राडे चार्ट से स्पष्ट है कि तेजी पर बिकवाली हावी है, हालांकि निचले स्तरों पर सीमित खरीदारी भी देखी जा रही है।


बाजार बंद

इस बीच, महाराष्ट्र में नगर निगम चुनावों के कारण गुरुवार 15 जनवरी को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में कारोबार बंद रहेगा।