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भारतीय शेयर बाजार में हलचल, सेंसेक्स और निफ्टी में मामूली गिरावट

गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में सेंसेक्स और निफ्टी में मामूली गिरावट आई, जबकि व्यापक बाजार ने बेहतर प्रदर्शन किया। विशेषज्ञों का कहना है कि निफ्टी के लिए 24,400-24,500 का स्तर महत्वपूर्ण है। अमेरिका-ईरान वार्ता के सकारात्मक माहौल ने निवेशकों की धारणा को मजबूत किया है। जानें और क्या चल रहा है बाजार में और किन कारकों पर निर्भर करेगा इसका भविष्य।
 

भारतीय शेयर बाजार का प्रदर्शन

गुरुवार को अमेरिका-ईरान के बीच संभावित सीजफायर की उम्मीदों के बीच, भारतीय शेयर बाजार में दिनभर उतार-चढ़ाव देखने को मिला। अंततः, प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक सपाट बंद हुए। सत्र की शुरुआत में दोनों सूचकांक में तेजी आई, लेकिन बाद में गिरावट आई और वे अपने पिछले बंद स्तर के करीब आ गए।


बाजार के समापन पर, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 114 अंक यानी 0.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,844.52 पर पहुंच गया। वहीं, एनएसई निफ्टी50 4.30 अंक (0.02 प्रतिशत) गिरकर 24,326.65 पर बंद हुआ।


दिन के दौरान, सेंसेक्स ने 78,339.24 पर खुलकर 78,384.70 का इंट्रा-डे उच्चतम स्तर और 77,713.21 का न्यूनतम स्तर बनाया। निफ्टी ने 24,398.50 पर शुरुआत की और 24,482.10 का उच्चतम स्तर तथा 24,284 का न्यूनतम स्तर देखा।


व्यापक बाजार ने प्रमुख बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन किया, जिसमें निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 1.10 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.87 प्रतिशत की वृद्धि हुई।


सेक्टरवार प्रदर्शन में, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल, निफ्टी आईटी, निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी पीएसयू बैंक में कमजोरी देखी गई। जबकि निफ्टी ऑटो, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी मेटल, निफ्टी मीडिया और निफ्टी हेल्थकेयर ने अच्छा प्रदर्शन किया।


निफ्टी 50 में एचडीएफसी लाइफ, बजाज-ऑटो, एमएंडएम, ग्रासिम, एनटीपीसी, अपोलो हॉस्पिटल, हिंडाल्को, कोटक बैंक और ओएनजीसी के शेयरों में 3.5 प्रतिशत से 1 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई। वहीं, एचयूएल, टीसीएस, टाइटन, टेक महिंद्रा, आईटीसी, सन फार्मा और कोल इंडिया के शेयरों में गिरावट आई।


गुरुवार के कारोबारी सत्र में बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप 473 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 475 लाख करोड़ रुपए हो गया, जिससे निवेशकों ने एक दिन में लगभग 2 लाख करोड़ रुपए कमाए।


तकनीकी दृष्टिकोण से, विशेषज्ञों का कहना है कि निफ्टी के लिए 24,400-24,500 का स्तर मजबूत रेजिस्टेंस बना हुआ है। यदि निफ्टी इस स्तर के ऊपर टिकने में सफल होता है, तो बाजार में तेजी लौट सकती है। वहीं, 24,100-24,000 का दायरा महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन है।


विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में बाजार की दिशा खाड़ी क्षेत्र से जुड़ी खबरों पर निर्भर करेगी, खासकर अमेरिका के शांति प्रस्ताव पर ईरान की प्रतिक्रिया और होर्मुज जलडमरूमध्य के दोबारा खुलने की संभावनाएं।


इस बीच, वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है, ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स की कीमतें 2.32 प्रतिशत गिरकर 99.92 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गईं।


अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी मजबूत हुआ है, जो लगभग 15 पैसे की बढ़त के साथ 94.24 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। अमेरिका-ईरान वार्ता के सकारात्मक माहौल ने निवेशकों की जोखिम लेने की धारणा को मजबूत किया है।