भारतीय संगीत की रानी आशा भोसले का निधन, शोक की लहर
आशा भोसले का निधन
डिजिटल डेस्क: भारतीय संगीत की महान गायिका आशा भोसले का निधन 92 वर्ष की आयु में मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में हुआ। उनके निधन से संगीत जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। आशा भोसले ने दशकों तक अपनी मधुर आवाज़ से लोगों के दिलों में राज किया और उनके गीतों की गूंज न केवल भारत में, बल्कि विश्वभर में सुनाई दी। उनके जाने को एक युग का अंत माना जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी, राष्ट्रपति मुर्मू, और राहुल गांधी जैसे कई प्रमुख नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।
प्रधानमंत्री मोदी की श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आशा भोसले के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने उनके साथ की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि उनकी आवाज़ ने भारतीय संस्कृति को समृद्ध किया। मोदी ने कहा कि आशा जी की गायकी में एक अद्वितीय जादू था, जो हर पीढ़ी को जोड़ता रहा। उन्होंने उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं और कहा कि उनके गीत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।
राष्ट्रपति मुर्मू का शोक
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी आशा भोसले के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनका जाना संगीत की दुनिया में एक बड़ा खालीपन छोड़ गया है। मुर्मू ने उनके लंबे करियर को याद करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय संगीत को नई पहचान दी और एक युग को परिभाषित किया।
राहुल गांधी का बयान
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि आशा भोसले की कला और आवाज़ हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेगी। उन्होंने उनके परिवार और चाहने वालों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं और कहा कि उनका योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता।
अन्य नेताओं की प्रतिक्रियाएं
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवी ने इसे संगीत के बगीचे का सूना होना बताया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आशा भोसले की आवाज़ ने भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इसे संगीत जगत की अपूरणीय क्षति बताया, जबकि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उनके गीतों की गूंज हमेशा बनी रहेगी।