भीम आर्मी का प्रदर्शन: पेपर लीक और लाठीचार्ज की जांच की मांग
भीम आर्मी का ज्ञापन राष्ट्रपति को
उन्नाव। भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर में एक प्रदर्शन आयोजित किया, जिसमें जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा गया। इस संगठन ने 20 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कराने और पेपर लीक व भर्ती घोटालों के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
भीम आर्मी के लखनऊ मंडल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष विशाल गौतम ने कहा कि वर्तमान सरकार तानाशाही रवैया अपनाए हुए है और छात्रों की समस्याओं को अनसुना कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल हिटलर शाही शासन चला रही है और छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।
जिला संयोजक रवि बौद्ध ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में नीट, जेईई, रेलवे, एसएससी, पुलिस भर्ती और शिक्षक भर्ती जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इससे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है और उनमें निराशा का माहौल बन रहा है। प्रदर्शन के दौरान, संगठन के सदस्यों ने आरोप लगाया कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर अभ्यर्थी शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन पर बल प्रयोग किया, जिससे कई छात्र घायल हुए।
उन्होंने घटना की न्यायिक जांच की मांग की और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की अपील की। भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने कहा कि संविधान हर नागरिक को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का अधिकार देता है, इसलिए प्रदर्शनकारी छात्रों पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ है।
संगठन ने केंद्र सरकार से परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने, पेपर लीक के मामलों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कानून लागू करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान जिला संयोजक रवि बौद्ध सहित भीम आर्मी भारत एकता मिशन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे।