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भोपाल में गुरु-शिष्य के रिश्ते को कलंकित करने वाला मामला

भोपाल में एक पूर्व यूपीएससी छात्र ने अपनी शिक्षिका को बंधक बनाकर करोड़ों रुपये वसूलने की साजिश रची। प्रियंक शर्मा ने एक सुनियोजित योजना के तहत शुभ्रा रंजन को धोखे से बुलाया और पिस्टल के बल पर पैसे ऐंठ लिए। इस घटना ने गुरु-शिष्य के रिश्ते को कलंकित कर दिया है। प्रियंक की गिरफ्तारी के बाद यह खुलासा हुआ कि वह विदेश भागने की योजना बना रहा था। जानें इस चौंकाने वाली घटना के बारे में विस्तार से।
 

गुरु-शिष्य के रिश्ते पर धब्बा


एक चौंकाने वाली घटना ने गुरु-शिष्य के पवित्र रिश्ते को कलंकित कर दिया है। एक पूर्व यूपीएससी छात्र ने अपनी पुरानी शिक्षिका और आईएएस कोचिंग संस्थान की निदेशक शुभ्रा रंजन के खिलाफ एक साजिश रची। उसने उन्हें धोखे से बुलाकर हथियार के बल पर बंधक बना लिया और डराकर करोड़ों रुपये वसूल कर लिए।


साजिश का मुख्य आरोपी

यह घटना मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में हुई। इस खतरनाक साजिश का मुख्य आरोपी प्रियंक शर्मा है, जिसने 2016 में शुभ्रा आईएएस कोचिंग में सिविल सेवा की तैयारी की थी। कोविड-19 महामारी के दौरान प्रियंक ने भोपाल में इसी कोचिंग का एक फ्रेंचाइजी खोला था, जो बाद में नुकसान के कारण बंद हो गया। इसी हताशा के चलते उसने अपने गुरु को निशाना बनाने की योजना बनाई।


फंसाने की योजना

प्रियंक ने अपनी शिक्षिका को फंसाने के लिए एक सुनियोजित योजना बनाई। उसने शुभ्रा रंजन को नई कोचिंग शाखा खोलने का आकर्षक प्रस्ताव देकर दिल्ली से भोपाल बुलाया। प्रारंभ में, दोनों की मुलाकात होटल ताज में हुई, लेकिन कुछ समय बाद प्रियंक ने उन्हें एक किराए के फ्लैट में ले जाकर फंसाया।


गन पॉइंट पर वसूली

जब शुभ्रा उस किराए के फ्लैट में पहुंची, तो वहां पहले से मौजूद दतिया और रीवा ने उन्हें घेर लिया। इन बदमाशों ने पिस्टल के बल पर शुभ्रा को बंधक बना लिया और तीन अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1 करोड़ 90 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। अपराधियों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए एक फर्जी वीडियो भी बनाया, जिसमें दिखाया गया कि शुभ्रा और उनके पति ने अपहरण करवाया है।


गिरफ्तारी का हाई वोल्टेज ड्रामा

इस वारदात के बाद प्रियंक ने गिरफ्तारी से बचने के लिए बीमारी का बहाना बनाया और खुद को भोपाल के एम्स अस्पताल के आईसीयू में भर्ती करवा लिया। हालांकि, क्राइम ब्रांच की टीम ने उसकी चालाकी को पकड़ लिया और उसे अस्पताल से गिरफ्तार कर लिया। प्रियंक के परिवार ने हंगामा किया, और पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि वह विदेश भागने की योजना बना रहा था। पुलिस ने प्रियंक सहित कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य अभी भी फरार हैं।