मध्य प्रदेश में प्रशासनिक बदलाव: नए मुख्य सचिव के तहत 20 आईएएस अधिकारियों के तबादले
मुख्य सचिव का पदभार और प्रशासनिक फेरबदल
भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार ने नए मुख्य सचिव अशोक बर्नवाल के पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव किया है। इस बदलाव में 20 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं और उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अतिरिक्त मुख्य सचिव नीरज मंडलोई को उद्योग और एमएसएमई विभाग की जिम्मेदारी दी गई है, साथ ही उन्हें ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 के आयोजन का कार्यभार भी सौंपा गया है। यह समिट राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार का एक प्रमुख कार्यक्रम है।
नए अधिकारियों की जिम्मेदारियां
संदीप यादव को जल संसाधन विभाग का कार्यभार सौंपा गया है, जहां वे केन बेतवा और पार्वती कालीसिंध जैसी महत्वपूर्ण नदी जोड़ो परियोजनाओं की देखरेख करेंगे। ई. रमेश कुमार को राजस्व विभाग के साथ नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. राजेश राजौरा को आरसीपीवी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी का महानिदेशक बनाया गया है। सुखवीर सिंह को लोक निर्माण विभाग के साथ स्वास्थ्य, परिवार कल्याण और चिकित्सा शिक्षा विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।
जिलों में बदलाव का प्रभाव
इस प्रशासनिक फेरबदल का असर जिलों में भी स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। भास्कर लक्ष्याकर को इंदौर का नया संभागायुक्त नियुक्त किया गया है। अजय काटेसरिया को रतलाम का कलेक्टर बनाया गया है, जबकि रत्नाकर झा को अनुपपुर का कलेक्टर नियुक्त किया गया है। मिशा सिंह को शहडोल, दिव्यांक सिंह को मंदसौर, गुरु प्रसाद को खरगोन और शेर सिंह मीणा को आगर मालवा का नया कलेक्टर बनाया गया है।
इसके अलावा अदिति गर्ग, प्रीति यादव, हर्षल पंचोली, केदार सिंह, सिद्धार्थ जैन, हिमांशु प्रजापति, जॉन किंग्सले एआर और सचिन सिन्हा सहित कई अन्य अधिकारियों की जिम्मेदारियों में भी बदलाव किया गया है।
सरकार का दृष्टिकोण
सरकार का मानना है कि नए प्रशासनिक ढांचे के माध्यम से निवेश, उद्योग, बुनियादी ढांचा, जल संसाधन और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में कार्य की गति में वृद्धि होगी। नए मुख्य सचिव अशोक बर्नवाल के नेतृत्व में यह फेरबदल राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।