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मध्य प्रदेश में युवक की हत्या: दोस्त पर लगा आरोप

मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में एक 28 वर्षीय युवक की हत्या का मामला सामने आया है, जिसमें उसके दोस्त सुरेंद्र जाटव पर आरोप लगाया गया है। सुरेंद्र ने अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई, क्योंकि उसे शक था कि तरवर का उसकी पत्नी के साथ अफेयर चल रहा है। पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित नौ लोगों को गिरफ्तार किया है और मामले की जांच जारी है। तरवर का शव नर्मदा नदी में मिला, जिसकी पहचान उसके परिवार ने की।
 

नरसिंहपुर में हत्या का मामला


नरसिंहपुर: मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में एक 28 वर्षीय युवक की हत्या का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, तरवर उर्फ बड्डू गुर्जर की हत्या उसके मित्र सुरेंद्र जाटव ने अपने साथियों के साथ मिलकर की। सुरेंद्र को संदेह था कि तरवर का उसकी पत्नी के साथ अवैध संबंध है। इसी शक के चलते हत्या की योजना बनाई गई और खेतों के बीच उस रास्ते पर बिजली के नंगे तार बिछा दिए गए, जिस पर तरवर अक्सर अपने घर लौटता था।


शव को नर्मदा नदी में फेंकने का आरोप

पुलिस के अनुसार, घटना के बाद आरोपियों ने तरवर के शव को नर्मदा नदी में फेंक दिया। मामले की जांच के बाद, नरसिंहपुर पुलिस ने मुख्य आरोपी सुरेंद्र जाटव सहित कुल नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब हत्या की पूरी साजिश और इसमें शामिल सभी व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है।


तरवर की गुमशुदगी की रिपोर्ट

रिपोर्ट के अनुसार, नरसिंहपुर के एसपी संदीप भुरिया ने बताया कि तरवर 14 सितंबर को उत्तरा बाई को छोड़ने के लिए गुर्जर-खेड़ा गांव में अपने मामा के घर गया था। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। परिवार ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने उसकी खोज शुरू की।


पूछताछ में खुलासा

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि तरवर अक्सर भटेरा गांव जाता था। जिस दिन वह लापता हुआ, उस दिन उसकी सुरेंद्र से मुलाकात हुई थी। पुलिस के अनुसार, दोनों ने साथ में शराब पी थी। इसके बाद पुलिस का शक सुरेंद्र की ओर गया।


पुलिस ने सुरेंद्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उसने तरवर की हत्या की बात स्वीकार की और पत्नी के साथ कथित संबंध होने के शक का जिक्र किया। आरोप है कि सुरेंद्र को पता था कि तरवर खेतों के बीच बने एक खास रास्ते से घर लौटता है।


तरवर की मौत का तरीका

पुलिस के अनुसार, सुरेंद्र ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसी रास्ते पर बिजली के नंगे तार बिछा दिए थे। घटना की रात उसने तरवर के साथ शराब पी। इसके बाद आरोपी ने बेहोश होने का नाटक किया। जब तरवर वहां से गुजर रहा था, तो वह कथित तौर पर बिजली के तारों की चपेट में आ गया और करंट लगने से उसकी मौत हो गई।


शव की पहचान

पुलिस का आरोप है कि तरवर की मौत के बाद सुरेंद्र और उसके साथियों ने शव को एनटीपीसी घाट तक पहुंचाया और वहां से नर्मदा नदी में फेंक दिया। बाद में तरवर का शव नर्मदापुरम जिले में नर्मदा नदी में मिला। परिवार के सदस्यों ने कपड़ों और अंगूठी के आधार पर शव की पहचान की। हालांकि, वैज्ञानिक पुष्टि के लिए पुलिस ने DNA सैंपल भी जांच के लिए भेजे हैं।