मनरेगा मजदूरों की समस्याओं पर चर्चा: मंत्री तरुणप्रीत सोंध की बैठक
चंडीगढ़ में मंत्री की बैठक
चंडीगढ़: कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सोंध ने कल मनरेगा के श्रमिकों की समस्याओं पर चर्चा करने के लिए श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस बैठक में श्रमिकों की दैनिक चुनौतियों को गंभीरता से सुना गया और उनकी उचित मांगों को शीघ्र पूरा करने का आश्वासन दिया गया।
बैठक के दौरान, मंत्री तरुणप्रीत सोंध ने श्रमिक प्रतिनिधियों का स्वागत किया और उनकी बातों को ध्यान से सुना। उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना ग्रामीण विकास का एक महत्वपूर्ण आधार है, जिसके तहत लाखों गरीब परिवारों को रोजगार मिलता है। हालांकि, कुछ समस्याएं अभी भी मौजूद हैं, जिन्हें हल करने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है।
ਮਗਨਰੇਗਾ ਕਾਮਿਆਂ ਦੇ ਮਸਲਿਆਂ ਸੰਬੰਧੀ ਕੈਬਿਨੇਟ ਮੰਤਰੀ @TarunpreetSond ਨੇ ਬੀਤੇ ਕੱਲ੍ਹ ਇਹਨਾਂ ਦੀਆਂ ਜੱਥੇਬੰਦੀਆਂ ਦੇ ਨੁਮਾਇੰਦਿਆਂ ਨਾਲ਼ ਬੈਠਕ ਕੀਤੀ। ਬੈਠਕ ਦੌਰਾਨ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਾਮਿਆਂ ਦੀਆਂ ਮੁਸ਼ਕਿਲਾਂ 'ਤੇ ਗੰਭੀਰਤਾ ਨਾਲ਼ ਵਿਚਾਰ-ਚਰਚਾ ਕੀਤੀ ਅਤੇ ਭਰੋਸਾ ਦਿੱਤਾ ਕਿ ਜਾਇਜ਼ ਮੰਗਾਂ ਦੇ ਹੱਲ ਵਾਸਤੇ ਉਹ ਲਗਾਤਾਰ ਯਤਨਸ਼ੀਲ ਹਨ। pic.twitter.com/jcnrf7J4q6
— AAP Punjab (@AAPPunjab) July 16, 2026
प्रतिनिधियों ने बैठक में कई मुद्दों को उठाया, जिनमें समय पर मजदूरी का भुगतान, काम के दिनों में वृद्धि, सामग्री की उपलब्धता, स्वास्थ्य बीमा और सुरक्षा उपकरणों की कमी शामिल थे। कई प्रतिनिधियों ने बताया कि कई स्थानों पर श्रमिकों को 15 से 30 दिन तक मजदूरी का इंतजार करना पड़ता है, जिससे उनके परिवारों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कुछ क्षेत्रों में काम की मांग अधिक होने के बावजूद पर्याप्त काम उपलब्ध नहीं हो पाता।
मंत्री तरुणप्रीत सोंध ने इन समस्याओं को गंभीरता से लिया और कहा, 'मैं श्रमिक भाइयों और बहनों की कठिनाइयों को भली-भांति समझता हूं। उनकी उचित मांगों को पूरा करने के लिए हम पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि जल्द से जल्द इन मुद्दों का समाधान किया जाए।'
उन्होंने आगे बताया कि सरकार डिजिटल भुगतान प्रक्रिया को तेज करने, निगरानी प्रणाली को मजबूत करने और जिला स्तर पर शिकायत निवारण तंत्र को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसके साथ ही, मनरेगा के तहत जल संरक्षण, सड़क निर्माण, वनरोपण और स्वच्छता अभियान जैसे नए कार्यों को बढ़ावा देने की योजना है, ताकि श्रमिकों को पूरे वर्ष काम मिल सके।
बैठक में शामिल संगठनों के प्रतिनिधियों ने मंत्री के आश्वासन पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इन वादों को शीघ्र लागू करती है, तो श्रमिकों का जीवन आसान हो जाएगा। एक प्रतिनिधि ने कहा, 'हम लंबे समय से इन समस्याओं का समाधान चाहते थे। आज मंत्री जी ने हमें उम्मीद दी है।'