महबूबा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन में भ्रष्टाचार और राजनीति के आरोप लगाए
महबूबा मुफ्ती का आरोप
श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने जम्मू और कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) में व्याप्त राजनीति, भ्रष्टाचार और क्षेत्रीय भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और आईसीसी अध्यक्ष जय शाह से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है।
महबूबा मुफ्ती ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर लिखा, "जेकेसीए में कई चिंताजनक घटनाएं हो रही हैं। इसे राजनीति, भ्रष्टाचार और क्षेत्रीय भेदभाव से मुक्त रहना चाहिए। बीसीसीआई के अध्यक्ष से हमें बेहतर की उम्मीद थी, लेकिन यह देखना निराशाजनक है कि लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई जेकेसीए को बिना उचित प्रक्रिया के कमजोर किया जा रहा है। इसके अध्यक्ष जावेद खिताबी और स्थानीय क्लबों को उनकी कश्मीरी पहचान के कारण निशाना बनाया गया है।"
उन्होंने आगे कहा, "बीसीसीआई को इस हस्तक्षेप को रोकने के लिए कदम उठाने चाहिए और सुनिश्चित करना चाहिए कि क्रिकेट को जम्मू बनाम कश्मीर के मुद्दे में न बदला जाए। क्रिकेट को यह तय करने दें कि भारत का प्रतिनिधित्व कौन करेगा, न कि पहचान को। मैं बीसीसीआई और जय शाह से हस्तक्षेप की अपील करती हूं।"
महबूबा मुफ्ती ने अपने पोस्ट में गृह मंत्री अमित शाह को भी टैग किया है।
महबूबा मुफ्ती द्वारा जम्मू और कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन में लगाए गए आरोप स्थानीय क्रिकेटरों के लिए चिंताजनक हैं। हाल ही में जम्मू-कश्मीर क्रिकेट टीम ने सेमीफाइनल में बंगाल और फाइनल में कर्नाटक जैसी मजबूत टीमों को हराकर अपना पहला रणजी ट्रॉफी खिताब जीता था। इस जीत को पूरे देश में सराहा गया था, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री के आरोप जम्मू और कश्मीर क्रिकेट की स्थिति पर सवाल उठाते हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बीसीसीआई इस मामले पर क्या कदम उठाती है।