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महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने सहकारी संस्थाओं में नामांकनों को दी मंजूरी

महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने हाल ही में सहकारी संस्थाओं में नामांकनों को मंजूरी दी है, जिसमें सरकारी अधिकारियों और अनुभवी व्यक्तियों का समावेश होगा। इसके अलावा, पशु चिकित्सा छात्रों के इंटर्नशिप भत्ते में वृद्धि, ट्रैफिक जुर्माने में छूट, और छात्रावासों में रहने वाले छात्रों के लिए भत्ते में बढ़ोतरी जैसे कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए हैं। गोकुल डेरी में सत्ता संतुलन पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है। इस लेख में इन सभी निर्णयों का विस्तृत विश्लेषण किया गया है।
 

मंत्रिमंडल की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय


महाराष्ट्र के मंत्रिमंडल ने बुधवार को उन सहकारी संस्थाओं की प्रबंध समितियों में सरकार द्वारा पांच सदस्यों के नामांकन को स्वीकृति दी है, जिनका वार्षिक कारोबार 500 करोड़ रुपये से अधिक है। इसमें जिला केंद्रीय सहकारी बैंक शामिल नहीं हैं।


मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की साप्ताहिक बैठक के बाद, मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि नामांकित सदस्यों में एक सरकारी अधिकारी (जो सहायक रजिस्ट्रार के पद से नीचे का न हो) और चार ऐसे व्यक्ति शामिल होंगे जिनका संबंधित संस्थानों के कामकाज में अनुभव हो।


सरकारी अधिकारी को मतदान का अधिकार नहीं होगा, जबकि अन्य चार सदस्यों को निदेशक मंडल में मतदान का अधिकार प्राप्त होगा। हालांकि, वे इन संस्थानों में पदाधिकारियों के पदों के लिए चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। इस संबंध में ‘महाराष्ट्र सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 1960’ में संशोधन को मंजूरी दी गई है।


कैबिनेट के इस निर्णय का प्रभाव कोल्हापुर की गोकुल डेरी में चल रही सत्ता की खींचतान पर पड़ सकता है। हाल ही में हुए चुनावों में, सतेज पाटिल के नेतृत्व वाले कांग्रेस समर्थित पैनल ने वहां बहुमत प्राप्त किया था, जिससे गोकुल में सत्ता का संतुलन प्रभावित हो सकता है।


सतेज पाटिल के नेतृत्व वाली कांग्रेस नीत राजर्षि शाहू शेतकारी समविचारी आघाडी ने गोकुल चुनाव में 25 में से 13 सीटें जीतीं, जबकि महायुति ने 12 सीटें हासिल कीं।


एक अन्य निर्णय में, मंत्रिमंडल ने महाराष्ट्र पशु एवं मत्स्य विज्ञान विश्वविद्यालय के अंतिम वर्ष के पशु चिकित्सा छात्रों के इंटर्नशिप भत्ते में वृद्धि को मंजूरी दी। इसका उद्देश्य छात्रों को ग्रामीण क्षेत्रों के पशु चिकित्सालयों में सेवाएं देने के लिए प्रोत्साहित करना है।


कैबिनेट ने ‘महाराष्ट्र ट्रैफिक पुलिस चालान माफी योजना-2026’ को भी मंजूरी दी है, जिसके तहत वाहन मालिकों को लंबित ट्रैफिक जुर्माने पर 20 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी।


सरकारी छात्रावासों में रहने वाले अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), विमुक्त जाति, घुमंतू जनजाति और विशेष पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए मासिक भरण-पोषण भत्ता दोगुने से अधिक बढ़ा दिया गया है।


संशोधित दरों के अनुसार, संभागीय स्तर के छात्रावासों में रहने वाले छात्रों को प्रति माह 1,500 रुपये मिलेंगे, जबकि जिला स्तरीय छात्रावासों में रहने वाले छात्रों को 1,300 रुपये मिलेंगे।


मंत्रिमंडल ने पालघर जिले के तलासरी, मोखाडा और विक्रमगढ़ में तीन ग्राम न्यायालयों की स्थापना को भी मंजूरी दी है। हर अदालत के लिए पांच सहायक पदों को भी स्वीकृति दी गई है।


इसने नांदेड़ जिले के मुखेड़ में, पहले से स्वीकृत संयुक्त अदालत की जगह, सीनियर डिवीजन स्तर पर एक नियमित दीवानी अदालत की स्थापना को मंजूरी दी है।


एक अन्य निर्णय में, मंत्रिमंडल ने मुंबई में सिद्धिविनायक गणपति मंदिर ट्रस्ट द्वारा ‘राम मेंशन’ इमारत की खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी माफ कर दी। इसका उद्देश्य मंदिर परिसर के विकास को सुगम बनाना और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।