महिला इन्फ्लुएंसर के खिलाफ एआई का दुरुपयोग: आरोपी ने बनाए फर्जी न्यूड फोटो
सोशल मीडिया पर बढ़ता डिजिटल अपराध
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक ने लोगों के जीवन को सरल बनाया है, लेकिन इसके दुरुपयोग की घटनाएं भी तेजी से बढ़ रही हैं। हाल ही में अहमदाबाद में एक महिला इन्फ्लुएंसर के साथ हुई घटना ने सोशल मीडिया सुरक्षा और डिजिटल अपराधों को लेकर नई चिंताएं पैदा की हैं। जब महिला ने एक युवक के दोस्ती के प्रस्ताव को ठुकराया, तो उसने बदला लेने के लिए एआई का सहारा लेते हुए उसके और उसकी मां के 100 न्यूड फोटो और वीडियो तैयार कर दिए। पुलिस के अनुसार, इस घटना ने दोनों को गहरा मानसिक आघात पहुंचाया।
दोस्ती का प्रस्ताव और विवाद
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी की पहचान 27 वर्षीय सुमित नेमचंद शर्मा के रूप में हुई है, जो दिल्ली का निवासी है। वह सोशल मीडिया के माध्यम से महिला इन्फ्लुएंसर के संपर्क में आया था। शुरुआत में उनकी बातचीत धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों पर होती थी। लेकिन जब आरोपी ने दोस्ती की इच्छा जताई और महिला ने मना कर दिया, तो स्थिति बिगड़ गई। इसके बाद आरोपी ने महिला की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखना शुरू कर दिया और उसकी तस्वीरों का उपयोग कर फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाने लगा।
एआई टूल्स का दुरुपयोग
जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी ने इंस्टाग्राम से महिला और उसकी मां की तस्वीरें डाउनलोड कीं और फिर एआई आधारित टूल्स का उपयोग कर उन्हें अश्लील रूप में परिवर्तित किया। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने कई वेबसाइटों और 'रिमूव क्लोथ्स' टूल्स की मदद से नकली तस्वीरें और वीडियो बनाए। इन सामग्रियों को इंस्टाग्राम, यूट्यूब और अन्य प्लेटफार्मों पर अपलोड किया गया। अधिकारियों के अनुसार, दिसंबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच आरोपी ने लगातार महिलाओं का उत्पीड़न किया, जिससे महिला और उसकी मां को सार्वजनिक शर्मिंदगी और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा।
फर्जी अकाउंट्स का खुलासा
अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई। पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी ने एक्स, फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर लगभग 10 फर्जी अकाउंट बनाए थे, जिनका उपयोग महिला की पहचान का गलत फायदा उठाने के लिए किया जा रहा था। पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन जब्त कर उसकी फोरेंसिक जांच की, जिसमें कई डिजिटल सबूत मिले। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी एक ओर धार्मिक वीडियो पोस्ट करता था, जबकि दूसरी ओर गुप्त रूप से महिला को निशाना बना रहा था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है.