महिला ने चलती ट्रेन में इलेक्ट्रिक केतली का किया इस्तेमाल, रेलवे ने उठाए सख्त कदम
सुरक्षा नियमों की अनदेखी का वायरल वीडियो
नई दिल्ली: भारतीय रेलवे में यात्रा करते समय सुरक्षा नियमों की अनदेखी का एक चौंकाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। इस वीडियो में एक महिला यात्री ट्रेन के कोच में अपनी साइड लोअर सीट के पास चार्जिंग पॉइंट में इलेक्ट्रिक केतली का प्लग लगाकर कुछ बना रही है। एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक यूजर द्वारा साझा किए गए इस वीडियो ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं उत्पन्न कर दी हैं। इस मामले के बढ़ते विवाद के बाद, भारतीय रेलवे ने स्पष्ट किया है कि ट्रेन के अंदर ऐसे उपकरणों का उपयोग करना पूरी तरह से असुरक्षित और प्रतिबंधित है।
ओवरलोडिंग और आग लगने का खतरा
रेलवे प्रशासन के अनुसार, ट्रेन के कोचों में उपलब्ध पावर सॉकेट केवल 110 वोल्ट और कम एम्पीयर क्षमता के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। इनका मुख्य उद्देश्य यात्रियों के मोबाइल फोन, लैपटॉप या अन्य छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को चार्ज करना है। इलेक्ट्रिक केतली जैसे उपकरण, जो आमतौर पर 1000 से 2000 वाट की उच्च क्षमता वाले होते हैं, इन सॉकेट्स में लगाने से ओवरलोडिंग, शॉर्ट सर्किट या आग लगने का बड़ा खतरा उत्पन्न हो सकता है। इससे न केवल कोच की बिजली व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, बल्कि यात्रियों की जान भी जोखिम में पड़ सकती है। इसलिए, रेलवे नियमों के तहत इलेक्ट्रिक केतली, इमर्शन रॉड, हीटिंग कॉइल, इलेक्ट्रिक स्टोव और इंडक्शन कुकर जैसे उपकरणों का उपयोग सख्त वर्जित है।
रेलवे एक्ट के तहत दंड का प्रावधान
चलती ट्रेन में उच्च क्षमता वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग रेलवे की संपत्ति का दुरुपयोग और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन माना जाता है। रेलवे एक्ट 1989 की धारा 153 के तहत दोषी पाए जाने पर यात्री को जुर्माना और छह महीने तक की कैद की सजा हो सकती है। यदि इस कृत्य के कारण ट्रेन में आग लगती है या कोई अन्य नुकसान होता है, तो धारा 154 के तहत दो साल तक की जेल और भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
पिछले मामलों की पुनरावृत्ति
यह पहली बार नहीं है जब ट्रेन में सुरक्षा नियमों की अनदेखी की गई है। 2025 में भी एक महिला द्वारा चलती ट्रेन में इंडक्शन का उपयोग कर मैगी बनाने का वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद सेंट्रल रेलवे ने कड़ी कार्रवाई की बात कही थी। रेलवे प्रशासन यात्रियों को जागरूक करने का प्रयास कर रहा है कि वे केवल अधिकृत सुविधाओं का ही उपयोग करें। यात्रियों से अपील की गई है कि वे ऐसी असुरक्षित हरकतें न करें और यदि कोई सहयात्री ऐसा करता दिखे, तो तुरंत इसकी सूचना टीटीई या रेलवे स्टाफ को दें ताकि किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।