महिलाओं के लिए सरकारी योजनाएं: आर्थिक स्वतंत्रता की ओर कदम
महिलाओं की प्रगति का नया अध्याय
नई दिल्ली: आज का भारत महिलाओं की उन्नति से भरा हुआ है। महिलाएं अब घर से बाहर निकलकर व्यवसाय की दुनिया में कदम रख रही हैं, जिससे वे न केवल अपने परिवार का सहारा बन रही हैं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा दे रही हैं। केंद्र सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं लागू की हैं, जिनमें आसान लोन, सब्सिडी और व्यवसायिक प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं शामिल हैं। ये योजनाएं छोटे सपनों को साकार करने में मदद कर रही हैं।
आज हम तीन महत्वपूर्ण योजनाओं पर चर्चा करेंगे, जो महिलाओं को उद्यमिता की ओर प्रेरित कर रही हैं और उन्हें आर्थिक स्वतंत्रता का मजबूत आधार प्रदान कर रही हैं।
पीएम मुद्रा योजना: छोटे व्यवसाय की शुरुआत आसान
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना महिलाओं के लिए एक अत्यंत लोकप्रिय योजना है। यह गैर-कॉर्पोरेट छोटे उद्यमों को बिना गारंटी के 10 लाख रुपये तक का लोन उपलब्ध कराती है। योजना को चार श्रेणियों में विभाजित किया गया है - शिशु (50 हजार तक), किशोर (5 लाख तक) और तरुण (10 लाख तक)। इस योजना के तहत महिलाओं को विशेष प्राथमिकता दी जाती है, क्योंकि लाभार्थियों में अधिकांश महिलाएं होती हैं। ब्याज दर बैंक के अनुसार भिन्न होती है, लेकिन सरल प्रक्रिया के कारण महिलाएं जल्दी से अपना व्यवसाय शुरू कर सकती हैं। आवेदन www.mudra.org.in पर ऑनलाइन किया जा सकता है। यह योजना महिलाओं को घरेलू उद्योग या छोटी दुकान चलाने में सहायता करती है।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम: सब्सिडी के साथ नया उद्यम
पीएमईजीपी योजना नए छोटे उद्यम स्थापित करने वालों को क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी प्रदान करती है। ग्रामीण क्षेत्रों में 25-35% और शहरी क्षेत्रों में 15-25% तक सब्सिडी उपलब्ध है। विशेष श्रेणी के लाभार्थियों, जिसमें महिलाएं शामिल हैं, को अधिक सब्सिडी का लाभ मिलता है। विनिर्माण क्षेत्र में 50 लाख और सेवा क्षेत्र में 20 लाख तक की परियोजनाएं मान्य हैं। 18 वर्ष से ऊपर का कोई भी व्यक्ति, स्वयं सहायता समूह या सहकारी समिति आवेदन कर सकती है। KVIC इस योजना को लागू करता है और आवेदन ई-पोर्टल पर ऑनलाइन किया जाता है। यह योजना ग्रामीण महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में सक्षम बनाती है।
लखपति दीदी योजना: ग्रामीण महिलाओं की कमाई का लक्ष्य 1 लाख
लखपति दीदी योजना का उद्देश्य ग्रामीण स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को सालाना कम से कम 1 लाख रुपये की स्थायी आय दिलाना है। इसमें कौशल प्रशिक्षण, सूक्ष्म उद्यम सहायता और 5 लाख रुपये तक का लोन-ब्याज छूट जैसी सुविधाएं शामिल हैं। कृषि, हस्तशिल्प, और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। हाल ही में बजट में इस योजना को और मजबूत किया गया है, जिसमें SHE-Marts जैसे नए कदम शामिल किए गए हैं। SHG सदस्य होना आवश्यक है। यह योजना महिलाओं के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने और उन्हें उद्यमिता की ओर प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
कैसे करें आवेदन और लाभ उठाएं
इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए पहले अपनी पात्रता की जांच करें। मुद्रा योजना के लिए बैंक या वेबसाइट पर जाएं, पीएमईजीपी के लिए KVIC पोर्टल पर और लखपति दीदी के लिए स्थानीय SHG से जुड़ें। आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार, बैंक खाता और व्यवसाय योजना तैयार रखें। सरकारी पोर्टल्स पर ऑनलाइन फॉर्म भरें और आवश्यकता पड़ने पर स्थानीय बैंक या अधिकारी से सहायता लें। ये योजनाएं महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता का मजबूत सहारा प्रदान कर रही हैं।