माउंट मनास्लु पर हिमस्खलन से दो पर्वतारोहियों की मौत
मौत का कारण हिमस्खलन
(शिरीष बी. प्रधान) काठमांडू, 20 सितंबर - माउंट मनास्लु, जो दुनिया की आठवीं सबसे ऊंची चोटी है, के कैंप-3 में एक हिमस्खलन के कारण एक भारतीय मूल के जर्मन पर्वतारोही और उसके नेपाली शेरपा गाइड की जान चली गई। इस घटना की जानकारी एक कंपनी के अधिकारी ने रविवार को दी। मकालू एडवेंचर के प्रबंध निदेशक मोहन लम्सल ने बताया कि ध्रुव ज्योति गुहा और फुरसेम्बा शेरपा खराब मौसम के बावजूद कैंप 2 से ऊपर की ओर बढ़ रहे थे, जब शनिवार रात उन्हें हिमस्खलन का सामना करना पड़ा।
पर्वतारोहियों की पहचान
लम्सल ने बताया कि फुरसेम्बा शेरपा नेपाल के मकालू क्षेत्र के अनुभवी पर्वत गाइड थे, जबकि गुहा जर्मनी के निवासी थे। जब बचाव दल नेपाल में कैंप 3 पर पहुंचा, तो दोनों पर्वतारोहियों के शव लगभग सात फुट बर्फ के नीचे मिले। उन्होंने कहा कि उनके टेंट पर भारी हिमस्खलन हुआ, जिससे दोनों पर्वतारोही बर्फ में दब गए।
अन्य पर्वतारोहियों की सुरक्षा
लम्सल ने आगे बताया कि कंपनी के छह अन्य पर्वतारोही, जिन्होंने कैंप-2 से लौटने का निर्णय लिया था, सुरक्षित हैं। हालांकि, खराब मौसम के बावजूद जल्दी आगे बढ़ने वाले दोनों पर्वतारोही इस हादसे का शिकार हो गए। लम्सल के अनुसार, जब इन पर्वतारोहियों का अभियान के आयोजकों से संपर्क टूट गया, तब बचाव दल को कैंप-3 भेजा गया। उन्होंने बताया कि उनसे आखिरी बार शनिवार रात संपर्क हुआ था।
शवों को लाने की प्रक्रिया
लम्सल ने कहा कि शवों को बेस कैंप तक लाने के प्रयास जारी हैं, जहां से मौसम अनुकूल रहने पर सोमवार को उन्हें काठमांडू ले जाने की योजना है। इस घटना के साथ इस पर्वतारोहण सत्र में माउंट मनास्लु पर जान गंवाने वालों की संख्या चार हो गई है। अभियान आयोजक के अनुसार, इससे पहले सिंगापुर के एक पर्वतारोही और एक नेपाली गाइड की पर्वत पर अलग-अलग घटनाओं में मौत हो चुकी है।