मानसून का आगमन: केरल में आज शाम दस्तक देने की संभावना
मानसून की तैयारी
केरल में मानसून की दस्तक, भारी बारिश की चेतावनी
इस वर्ष का दक्षिण-पश्चिम मानसून आज शाम भारत में प्रवेश कर सकता है। हर साल की तरह, यह सबसे पहले केरल के तटीय क्षेत्रों को प्रभावित करेगा। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, मानसूनी हवाएं आज शाम 7 से 8 बजे के बीच केरल में प्रवेश कर सकती हैं। इसके लिए सभी आवश्यक परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं।
केरल के अलावा, तमिलनाडु और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में अगले सात दिनों में भारी बारिश की संभावना है। उत्तरी भारत में भी मौसम में आज से महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकता है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश, आंधी, ओलावृष्टि और बर्फबारी का दौर शुरू हो सकता है, जो अगले दो-तीन दिनों तक जारी रहेगा।
पहले अनुमान से देरी
26 मई को मानसून के आगमन का अनुमान था
पहले यह अनुमान लगाया गया था कि मानसून 26 मई को केरल में पहुंचेगा, लेकिन यह तारीख 9 दिन लेट हो गई है। आमतौर पर, मानसून 1 जून को केरल में आता है और अगले डेढ़ महीने में पूरे देश को कवर करता है। यदि आज मानसून केरल में पहुंचता है, तो यह चार महीने तक चलने वाले मानसून सत्र की औपचारिक शुरुआत का संकेत देगा।
उत्तर भारत में मौसम की स्थिति
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई क्षेत्रों में भी मानसून की प्रगति के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश में 4 जून (गुरुवार) के लिए कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, शिमला और सिरमौर जिलों में ओलावृष्टि, आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाओं के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कई क्षेत्रों में हवाएं 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं।
उत्तराखंड में उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, देहरादून और टिहरी जिलों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। 4,200 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की भी संभावना जताई गई है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बारिश, गरज-चमक और ओलावृष्टि की संभावना है।