मानसून की शुरुआत: पहाड़ी राज्यों में समस्याएं बढ़ीं
जम्मू-कश्मीर और हिमाचल में बादल फटने की घटनाएं
जम्मू-कश्मीर और हिमाचल में बादल फटने की घटनाएं शुरू, उत्तराखंड में भी केदारनाथ धाम यात्रा प्रभावित
Monsoon Update: इस वर्ष उत्तर भारत में मानसून की शुरुआत ने कई समस्याएं उत्पन्न कर दी हैं। जबकि मैदानी क्षेत्रों में प्री-मॉनसून गतिविधियों ने गर्मी से राहत दी है, पहाड़ी राज्यों में यह मौसम मुसीबत बन गया है।
इसकी मुख्य वजह लगातार बादल फटने की घटनाएं हैं। हाल ही में जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में दो स्थानों पर बादल फटने से जनजीवन प्रभावित हुआ। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति और चंबा में भी तीन स्थानों पर बादल फटने की घटनाएं हुईं। उत्तराखंड में केदारनाथ धाम के लिए हेलीकॉप्टर सेवा को स्थगित करना पड़ा है, और देहरादून के जौलीग्रांट हवाईअड्डे से चार उड़ानों को अन्य स्थानों पर भेजा गया। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में मचैल माता और मिंधल माता तीर्थ स्थलों की यात्रा भी स्थगित करनी पड़ी है। श्रीमाता वैष्णो देवी धाम के लिए हेलीकॉप्टर सेवा भी प्रभावित हुई है।
सड़कें बंद होने से यातायात प्रभावित
जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में बारिश और भूस्खलन के कारण कई सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे यातायात बाधित हुआ है। विशेष रूप से हिमाचल में शिमला, मनाली और धर्मशाला में 50 से अधिक सड़कों को भारी नुकसान हुआ है। उत्तराखंड के देहरादून, बागेश्वर और रुद्रप्रयाग में भी बारिश जारी है।
दिल्ली-एनसीआर में बौछारों से राहत
यूपी के बलिया में बिजली गिरने से दो लोगों की जान चली गई है। बारिश और बाढ़ ने पूर्वोत्तर भारत के साथ-साथ मुंबई और दक्षिणी राज्यों में भी समस्याएं बढ़ा दी हैं। हालांकि, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में हुई बौछारों ने भीषण गर्मी और उमस से राहत दिलाई है, जिससे तापमान लगभग 6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है।