मुंबई निगम चुनावों में गड़बड़ी के आरोप, विपक्ष ने उठाए सवाल
चुनावों में गड़बड़ी के आरोप
मुंबई। देश की वित्तीय राजधानी मुंबई सहित 28 अन्य शहरों में हुए निगम चुनावों के दौरान विपक्षी दलों ने गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगाए हैं। उद्धव ठाकरे और उनके बेटे आदित्य ठाकरे ने बीएमसी चुनाव में कई प्रकार की अनियमितताओं का जिक्र किया। ठाकरे ने मतदान के बाद उंगली पर लगाई जाने वाली स्याही की गुणवत्ता पर भी चुनाव आयोग को निशाने पर लिया। हालांकि, आयोग ने इस पर स्पष्टीकरण दिया। ओवैसी की पार्टी ने लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाया।
उद्धव ठाकरे का बयान
चुनावी गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा, 'कई स्थानों से शिकायतें आ रही हैं। कुछ मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से गायब हैं। यह पहली बार है जब हमने देखा है कि लगाई गई स्याही को साफ किया जा सकता है।' उन्होंने आगे कहा, 'पुरानी ईवीएम मशीनें इस्तेमाल की गई हैं। इन लोगों में सत्ता पाने की इतनी लालसा है। मैंने कभी ऐसी बेशर्म सरकार नहीं देखी। इसलिए वे वन नेशन वन इलेक्शन चाहते हैं, ताकि वे पूरे देश में एक साथ धोखाधड़ी कर सकें। यह लोकतंत्र की खुली हत्या है।'
आदित्य ठाकरे और ओवैसी की प्रतिक्रिया
आदित्य ठाकरे ने कहा, 'आप देख सकते हैं कि मुंबई, पुणे और अन्य जगहों पर चुनाव आयोग और नगर निगम का सिस्टम बहुत खराब है। पर्ची किसी दूसरे बूथ की है, नाम अलग बूथ में है। कुछ स्थानों पर नाम पुरुष का है जबकि फोटो महिला की है। सोचिए चुनाव अधिकारी कितनी गड़बड़ी कर रहे हैं।' ओवैसी की पार्टी एमआईएम के प्रवक्ता वारिस पठान ने कहा, 'मैंने मुंबई के हर बूथ का दौरा किया। पूरी तरह से अफरा-तफरी थी। वोटर्स के नाम गायब थे। महिलाएं और सीनियर सिटिजन बहुत परेशान थे। मेरी बेटी का नाम भी गायब था, जो पहली बार वोट देने वाली थी। लोकतंत्र की हत्या हो चुकी है।'
राज्य चुनाव आयुक्त का स्पष्टीकरण
बाद में राज्य चुनाव आयुक्त दिनेश वाघमारे ने कहा, 'मतदाताओं की उंगलियों पर लगाई जाने वाली स्याही को लेकर कुछ भ्रम फैलाया जा रहा है। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि मतदाताओं की उंगलियों पर निशान लगाने के लिए इस्तेमाल की जा रही स्याही पक्की है। यह वही स्याही है जिसका उपयोग भारत निर्वाचन आयोग विभिन्न चुनावों में करता है।' उन्होंने ईवीएम के उपयोग को लेकर भी स्पष्टीकरण दिया।