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मुरैना में रेल हादसे में चार यात्रियों की जान गई, अफवाह बनी कारण

मुरैना में एक दर्दनाक रेल हादसे में चार यात्रियों की जान चली गई। यह घटना तब हुई जब उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में मोबाइल फटने की अफवाह फैल गई, जिससे यात्रियों में भगदड़ मच गई। घबराए यात्री जब ट्रैक पर उतरे, तो पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। रेलवे प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है। यह हादसा एक बार फिर दिखाता है कि अफवाहें कितनी घातक हो सकती हैं।
 

दर्दनाक रेल दुर्घटना

मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना और राजस्थान के धौलपुर के बीच रविवार दोपहर को एक भयानक रेल दुर्घटना में चार यात्रियों की जान चली गई। यह घटना सरायछौला थाना क्षेत्र के हेतमपुर रेलवे स्टेशन के निकट हुई, जहां उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में मोबाइल फटने और आग लगने की अफवाह के चलते अफरा-तफरी मच गई।


अफवाह से उत्पन्न भगदड़

गवाहों के अनुसार, ट्रेन के एक जनरल कोच में किसी यात्री के मोबाइल से धुआं निकलने की सूचना मिली। इसके बाद आग लगने की अफवाह तेजी से फैल गई, जिससे यात्रियों में हड़कंप मच गया। घबराए हुए यात्रियों ने चेन खींच दी, जिससे ट्रेन बीच में रुक गई। ट्रेन रुकते ही कई यात्री अपनी जान बचाने के लिए नीचे उतर गए, और कुछ लोग जल्दबाजी में दूसरी रेलवे लाइन की ओर भाग गए, जहां उसी समय एक दूसरी ट्रेन गुजर रही थी।


पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आए यात्री

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, जब यात्री ट्रैक पर थे, उसी समय आगरा से मुरैना की ओर आ रही पातालकोट एक्सप्रेस वहां पहुंच गई। ट्रेन की तेज रफ्तार के कारण कुछ यात्रियों को संभलने का मौका नहीं मिला और वे उसकी चपेट में आ गए।


मृतकों की पहचान

इस दुर्घटना में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में आफरीन (35) पत्नी नदीम खान, उनके चार वर्षीय बेटे असद खान, शकुंतला (60) पत्नी भूरी सिंह परमार और विरमा देवी (60) पत्नी गिरधारी गिरी शामिल हैं।


रेलवे का बयान

उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल ने एक बयान जारी कर बताया कि गाड़ी संख्या 19665 खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस के जनरल कोच में अलार्म चेन पुलिंग के कारण ट्रेन को बीच में रोकना पड़ा। ट्रेन रुकने के बाद कुछ यात्री नीचे उतरकर समीपवर्ती रेलवे लाइन पर चले गए, जहां वे फिरोजपुर-सिवनी पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आ गए।


जांच के आदेश और अधिकारियों की मौजूदगी

घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे प्रशासन, आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। घायलों और प्रभावित यात्रियों को तुरंत सहायता प्रदान की गई। रेलवे ने कहा है कि हादसे के सभी कारणों और परिस्थितियों की विस्तृत जांच की जा रही है।


एक अफवाह और चार जिंदगियां खत्म

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जिस आग की आशंका से यात्री घबराए थे, वह वास्तविक नहीं थी। लेकिन कुछ ही मिनटों में फैली अफवाह ने ऐसा भय पैदा किया कि चार लोगों की जान चली गई। यह हादसा एक बार फिर दिखाता है कि रेलवे ट्रैक पर उतरना और घबराहट में लिया गया फैसला कितना खतरनाक साबित हो सकता है।