मेघालय हाई कोर्ट ने सोनम रघुवंशी को दी राहत, जमानत बरकरार
सोनम रघुवंशी को मिली जमानत
राजा रघुवंशी हत्या मामले में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को मेघालय हाई कोर्ट से महत्वपूर्ण राहत मिली है। कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई जमानत को बरकरार रखते हुए राज्य सरकार की जमानत रद्द करने की याचिका को खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि गिरफ्तारी के आधार स्पष्ट नहीं हैं और इनमें न्यायिक सोच की कमी है। इसके अलावा, पुलिस यह स्पष्ट नहीं कर सकी कि सोनम रघुवंशी के खिलाफ क्या ठोस आरोप हैं।
कोर्ट का निर्णय
यह निर्णय मेघालय हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति डब्ल्यू डिएंगडोह की एकल पीठ द्वारा सुनाया गया। राज्य सरकार ने ट्रायल कोर्ट के 27 अप्रैल के जमानत आदेश को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें सोनम की जमानत रद्द करने की मांग की गई थी। हालांकि, अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सरकार की याचिका को खारिज कर दिया।
अदालत के आदेश में क्या कहा गया?
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि गिरफ्तारी के आधार जिस प्रकार से तैयार किए गए, वे न्यायिक सोच की कमी को दर्शाते हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि दस्तावेजों में आरोपों का स्पष्ट विवरण नहीं दिया गया और पुलिस ने संतोषजनक तरीके से यह नहीं बताया कि आरोपी के खिलाफ सटीक आरोप क्या हैं।
कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि गिरफ्तारी के आधार इस तरह से तैयार किए जाते हैं, तो यह गिरफ्तारी करने वाली एजेंसी की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाता है। अदालत ने माना कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जमानत रद्द करने के लिए कोई पर्याप्त कारण नहीं है। इसी कारण से राज्य सरकार की याचिका को खारिज कर दिया गया।
मामले का संक्षिप्त विवरण
मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी कारोबारी राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी मई 2025 में मेघालय के सोहरा क्षेत्र में हनीमून मनाने गए थे। 23 मई को दोनों के लापता होने की सूचना मिली थी। इसके बाद 2 जून को राजा रघुवंशी का शव एक गहरी खाई से बरामद हुआ।
इस मामले में पुलिस ने जांच के बाद सोनम रघुवंशी को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसियों का आरोप है कि उन्होंने अपने पति की हत्या की साजिश रची थी। हालांकि, मामले की सुनवाई अभी जारी है और आरोपों पर अंतिम निर्णय ट्रायल कोर्ट में साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर होगा।