मेटा ने 8000 कर्मचारियों की छंटनी की, AI पर ध्यान केंद्रित
नई दिल्ली में मेटा की छंटनी का बड़ा फैसला
नई दिल्ली: सोशल मीडिया की प्रमुख कंपनी मेटा (Meta) ने एक बार फिर से अपने कर्मचारियों की संख्या में कटौती करने का निर्णय लिया है। इस बार कंपनी ने अपनी वैश्विक कार्यबल का लगभग 10 प्रतिशत, यानी करीब 8000 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का कदम उठाया है। यह छंटनी सिंगापुर स्थित टीम से शुरू हुई, जहां कर्मचारियों को 20 मई की सुबह 4 बजे नौकरी से निकाले जाने का ईमेल भेजा गया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पिछले कुछ समय से यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि 20 मई को कंपनी बड़े पैमाने पर छंटनी करेगी, जो अब सच साबित हुई है।
AI में प्रतिस्पर्धा के लिए मेटा का नया कदम
AI पर दबदबा बनाने के लिए लिया गया यह बड़ा फैसला
मेटा के सीईओ मार्क जकरबर्ग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में अग्रणी बनना चाहते हैं। इसी उद्देश्य से कंपनी इस वर्ष AI में अरबों डॉलर का निवेश करने की योजना बना रही है। मेटा के चीफ पीपल ऑफिसर जेनेला गाले ने एक आंतरिक मेमो में बताया कि 8000 नौकरियों के समाप्त होने के साथ-साथ लगभग 7000 कर्मचारियों को नई AI टीम में स्थानांतरित किया जाएगा। कंपनी का लक्ष्य अब छोटी और अधिक प्रभावी टीमों का निर्माण करना है, ताकि गूगल (Google) और ओपनएआई (OpenAI) जैसी कंपनियों को AI के क्षेत्र में चुनौती दी जा सके। वर्तमान में मेटा के पास लगभग 78,000 कर्मचारी हैं।
छंटनी का अल्टीमेटम एक महीने पहले ही मिला था
एक महीने पहले ही मिल गया था छंटनी का अल्टीमेटम
मेटा ने पिछले महीने ही यह पुष्टि की थी कि वह 8000 कर्मचारियों की छंटनी करने की योजना बना रही है। इस खबर के बाद से कर्मचारियों का मनोबल काफी गिर गया था। जकरबर्ग ने AI को कंपनी की प्राथमिकता बना दिया है और इसके लिए नए इनोवेशन की आवश्यकता है। मेटा पहले ही यह स्पष्ट कर चुका है कि वह इस वर्ष AI तकनीक में 125 से 145 अरब डॉलर का भारी निवेश करने की योजना बना रहा है। इस प्रकार, कंपनी की रणनीति अब भविष्य की तकनीक पर केंद्रित है, जिसके लिए हजारों कर्मचारियों को अपनी नौकरी गंवानी पड़ी है।