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मेरठ में दलित छात्रा हत्या मामले में सपा नेताओं पर पुलिस बर्बरता के आरोप

मेरठ में दलित छात्रा ललिता गौतम की हत्या के मामले में समाजवादी पार्टी के नेताओं दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें एसओजी ऑफिस में बुरी तरह पीटा गया। जमानत मिलने के बाद भाटी की आंखों पर चोट के निशान देखे गए। पुलिस ने इस मामले में स्पष्टीकरण दिया है कि दोनों आरोपी हिस्ट्रीशीटर हैं। विपक्ष ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी।
 

मेरठ में प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर गंभीर आरोप


Uttar Pradesh News: मेरठ में दलित छात्रा ललिता गौतम की हत्या के मामले में हुए प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि गुरुवार को एसएसपी अविनाश पांडे और एसओजी इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ ने उन्हें एसओजी ऑफिस में बुरी तरह से पीटा।


जमानत के बाद की गई शिकायत

जमानत मिलने के बाद, दोनों नेताओं को बातचीत के लिए बुलाया गया, जहां दिग्विजय भाटी की आंखों पर चोट के गहरे निशान देखे गए। इस घटना के बाद, एसएसपी अविनाश पांडे को उनके पद से हटा दिया गया और लखनऊ मुख्यालय भेजा गया।


दिग्विजय भाटी का बयान

किसान नेता दिग्विजय भाटी ने आरोप लगाया कि एसएसपी ने अपने कार्यालय में उन्हें एक घंटे तक लात-घूंसों से पीटा। इसके बाद उन्हें एसओजी के हवाले किया गया, जहां इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ ने उन्हें उल्टा लटकाकर लाठी और फट्टों से मारा।


पुलिस का स्पष्टीकरण

पुलिस ने कहा कि दोनों आरोपी हिस्ट्रीशीटर हैं और उन्हें चोट उस समय लगी जब वे स्कूटी से घर लौट रहे थे। इस मामले के सामने आने के बाद, एसएसपी को तुरंत उनके पद से हटा दिया गया।


विपक्ष की प्रतिक्रिया

नगीना लोकसभा क्षेत्र के सांसद चंद्रशेखर आजाद ने इस घटना की कड़ी निंदा की और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सपा ने भी इस घटना की आलोचना की, यह कहते हुए कि जिन लोगों को आरोपी बनाया गया, वे प्रदर्शन में शामिल नहीं थे।